पॉलीथिन का जाल: शहर में प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान, सफाई बन रही चुनौती; उपभोक्ता हो जागरूकता और प्रशासन बरते सख्ती तब ही होगा समाधान
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) शहर की सफाई व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी पॉलीथिन थैलियां अब लोगों और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं। नगर परिषद के अनुसार रोजाना एकत्र किए जाने वाले कचरे का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा प्लास्टिक और पॉलीथिन का है, जिससे नाले-नालियां जाम हो रही है और बारिश में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है।
लोगों को सुधारनी होगी आदतः
लोग पॉलीथिन के दुष्प्रभावों से परिचित होने के बावजूद इसका उपयोग बंद नहीं कर रहे। चाय-कॉफी के कप, पानी की बोतलें और खरीदारी के बाद थैलियां खुले में फेंक दी जाती है, जो धीरे-धीरे पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए जहर बन रही है।
भूमि और पानी भी हो रहा खराब
पॉलीथिन को जमीन में दबाने से मिट्टी की उर्वरता खत्म होती है और भूजल दूषित होता है। वहीं कचरे में पड़ी पॉलीथिन थैलियां पशुओं द्वारा खा ली जाती हैं, जो कई बार उनकी मौत का कारण बनती है।
नालियां जाम, बढ़ता जलभरावः
शहर के कई हिस्सों में नाले-नालियां पॉलीथिन से अटे पड़े है। लोग घर का कचरा पॉलीथिन में भरकर नालियों में डालते हैं, जिससे जल निकासी बाधित होती है। बरसात में यही स्थिति जलभराब और गंदगी को बढ़ावा देती है।
लोगों के जीवन पर पड़ रहा असर :
पॉलीथिन थैलियों से जल और मिट्टी दूषित होती है। नालियां जाम होने से जलभराव बढ़ता है। बारिश में शहर गंदगी और कीटाणु फैलने से स्वास्थ्य समस्याएं, जैसे पेट संबंधी बीमारियां, त्वचा रोग और सांस संबंधी परेशानियां, आम लोगों को करती हैं। सतर्कता प्रभावित आवश्यक है।
पॉलीथिन खाकर पशु हो रहे - बीमारः
पॉलीथिन थैलियां पशुओं द्वारा गलती से खाई जा सकती है। इससे उनके पेट में फंसने, पाचन समस्या और गंभीर मामलों में मौत तक हो सकती है। सडक़ किनारे और नालों में पड़े प्लास्टिक से जानवरों की सुरक्षा खतरे में है। उनका जीवन सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदारी जरूरी है।
जनहित के लिए इनको करें फोलो
- खरीदारी के लिए कपड़े, जूट या कागज के थैलों का उपयोग करें।
- प्लास्टिक की बोतलों और थैलियों से बचें।
- दूध-दही के लिए कांच या स्टील के बर्तन प्रयोग करें।
- कचरा अलग-अलग कर निर्धारित स्थान पर ही डालें।
मुकेश शर्मा आयुक्त नगर परिषद खैरथल का कहना है कि- नगर परिषद जल्द ही जागरुकता अभियान चलाकर लोगों और दुकानदारों को प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग बंद करने के लिए प्रेरित करेगी। पम्पलेट्स वितरित किए जाएंगे और नियमों उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -


