खैरथल में स्टाफ की कमी से सफाई व्यवस्था चौपट, हड़ताल की दी चेतावनी वेतन असमानता के नगर परिषद प्रशासन पर लगे आरोप
खैरथल (हीरालाल भूरानी) नगर परिषद की सफाई व्यवस्था गंभीर संकट में है। वेतन असमानता, ठेकेदारी व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और कर्मचारियों की कमी को लेकर सफाई कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इससे शहर में कचरे के ढेर लगने और नागरिकों को परेशानी का खतरा बढ़ गया है। सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता अनिल बाल्मीकि ने कहा कि खैरथल के कर्मचारियों को मासिक केवल 6,800 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि नजदीकी बानसूर और कोटपुतली में यही कर्मचारी 10,250 रुपये तक वेतन पा रहे हैं।
समान कार्य के बावजूद यह असमानता कर्मचारी नाराजगी का मुख्य कारण बनी है। कर्मचारियों ने ठेकेदारी व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए है। उनका कहना है कि ठेकेदार 200 कर्मचारियों का बजट दिखाकर भुगतान लेते हैं, जबकि वास्तविकता मैं केवल 100-150 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। यूनियन नेताओं ने नगर परिषद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी मामले से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक वेतन में वृद्धि और पूर्ण स्टाफ की नियुक्ति नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी इस संकट का समाधान निकालता है और शहरवासियों को गंदगी और अव्यवस्था से राहत मिलती है।


