बेटियां / वर्क अभियान के तहत बेटियों ने समझी प्रशासनिक कार्यप्रणाली, भविष्य निर्माण के लिए मिली प्रेरणा
भरतपुर (कोश्लेंद्र दत्तात्रेय) 23 मार्च। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार फ्यूचरिस्टिक इनोवेशन-फ्यूचर लीडर्स एट वर्क थीम के अंतर्गत जिले में बेटियां / वर्क अभियान के तहत विभिन्न विभागीय कार्यालयों में विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए उन्हें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं करियर निर्माण के प्रति प्रेरित करना रहा।
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने कक्षा आठवीं की छात्रा मीनू से आत्मीय संवाद करते हुए उसे अपनी कुर्सी के पास बैठाकर प्रशासनिक दायित्वों की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व, रोजगार के अवसर, व्यापारिक कौशल तथा करियर विकल्पों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। साथ ही, जिला कलक्टर पद की जिम्मेदारियों, दैनिक दिनचर्या और चुनौतियों के बारे में बताते हुए कहा कि बेटियों के सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक सामाजिक वातावरण आवश्यक है, जिससे परिवार, समाज और देश का समग्र विकास संभव हो सके।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा के कार्यालय में पहुंचीं छात्राओं ने कार्यालय की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा। एडीएम प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्होंने सेवर क्षेत्र से बीएड कर रही प्रिया खंडेलवाल, अनुपमा चाहर तथा मथुरा निवासी ऋतु कुमारी से संवाद किया और उन्हें करियर के विभिन्न विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह ने भी अपने कार्यालय में पहुंची बेटियों के साथ संवाद करते हुए विभागीय योजनाओं और कार्यों की जानकारी रोचक तरीके से साझा की, जिससे छात्राओं में प्रशासनिक कार्यों के प्रति रुचि जागृत हुई।
भरतपुर विकास प्राधिकरण में आयुक्त कनिष्क कटारिया ने बेटियों को अपनी कुर्सी पर बैठाकर शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। इस दौरान आईएएस अधिकारी भानु शर्मा एवं सचिव सुरेश नवल के साथ छात्राओं ने बीडीए द्वारा संचालित विकास कार्यों एवं विभागीय कार्यशैली की जानकारी प्राप्त की।
संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) रामेश्वर महावर ने अपनी पुत्री हर्षिता महावर सहित अन्य छात्राओं को कार्यालय में बैठाकर शासकीय कार्यों की जानकारी दी। उनके साथ उपस्थित कार्मिकों ने जनगणना, जन्म-मृत्यु पंजीकरण एवं जन आधार जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक राजेश कुमार द्वारा भी चारूशी, हिमांशी, शुभा, प्रियांशी एवं चंचल सहित अन्य बेटियों को आमंत्रित कर कार्यालय की कार्यप्रणाली, अनुशासन, जिम्मेदारी एवं नेतृत्व क्षमता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। सहकारिता विभाग में भी छात्राओं को विभागीय कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अभियान के माध्यम से बेटियों को प्रशासनिक व्यवस्था की गहन समझ मिली और उन्हें अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु प्रेरणा प्राप्त हुई।