'ग्राम रथ' बना वरदान: जहाज गांव के किसान नेतराम को मिला जैविक खेती का संबल
भरतपुर / कोश्लेन्द्र दत्तात्रेय
राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-ढाणी तक पहुँचाने के लिए संचालित 'एलईडी मोबाइल वैन ग्राम रथ अभियान' शुक्रवार को वैर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत जहाज पहुँचा। यहाँ आयोजित जागरूकता शिविर न केवल ग्रामीणों के लिए सूचनाप्रद रहा, बल्कि स्थानीय किसान नेतराम के लिए स्वरोजगार और नवाचार की नई राह खोल गया।
मौके पर ही हुआ आवेदन और समाधान
शिविर के दौरान ग्राम जहाज निवासी नेतराम पुत्र बुद्धराम ने कृषि विभाग के स्टाल पर कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने सरकार की 'गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना' के बारे में विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर नेतराम ने तुरंत ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। विभागीय मुस्तैदी के चलते अभियान के दौरान ही उनके आवेदन की जांच कर उसे स्वीकृत कर दिया गया।
10 हजार की सहायता से शुरू होगी जैविक खेती
योजना के तहत नेतराम को कृषि विभाग की ओर से 10 हजार रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। इस राशि की सहायता से वे अब अपने खेत पर वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) की यूनिट स्थापित कर सकेंगे।
लाभार्थी का कथन: "अब मैं अपने खेत के लिए खुद जैविक खाद तैयार कर सकूँगा। इससे खेती में रसायनों का प्रयोग कम होगा और फसल की गुणवत्ता बढ़ेगी। मैं इस त्वरित सहायता के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कृषि विभाग का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।"
मिट्टी की सेहत और जेब की बचत
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करता है, जिससे किसानों के खर्च में भारी कमी आती है। जैविक खाद न केवल मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
अभियान का उद्देश्य
गौरतलब है कि ग्राम रथ के माध्यम से राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनहितकारी कार्यक्रमों का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके तहत पशुपालकों और ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं से सीधे जोड़कर उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है।


