एमएसएमई, ओडीओपी एवं निर्यात संवर्धन नीतियों से उद्यमियों को मिलेगा व्यापक लाभ
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राज्य सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के संतुलित, समावेशी एवं तीव्र विकास के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक एवं सामाजिक सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) नीति 2024, एमएसएमई पॉलिसी 2024 तथा राजस्थान निर्यात संवर्धन नीति 2024 लागू की गई हैं। इन नीतियों के माध्यम से उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन, विपणन एवं निर्यात प्रोत्साहन सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र भरतपुर के महाप्रबंधक सीएम गुप्ता ने बताया कि ओडीओपी नीति के अंतर्गत भरतपुर जिले के लिए कृषि आधारित उत्पाद को एक जिला एक उत्पाद के रूप में चयनित किया गया है। इस नीति के तहत नवीन एवं विस्तार इकाइयों को 20 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही तकनीकी उन्नयन पर व्यय की 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 3 लाख रुपये तक सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन पर व्यय की 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 3 लाख रुपये तक सहायता, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी हेतु स्टॉल किराया एवं आवागमन के लिए अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक बाजार सहायता तथा ई-कॉमर्स वेबसाइट निर्माण पर व्यय की 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 75 हजार रुपये तक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि एमएसएमई पॉलिसी 2024 के तहत नए उद्यमों की स्थापना एवं विद्यमान इकाइयों के विस्तार को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस नीति के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये तक के ऋण पर राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स) 2024 के तहत देय ब्याज अनुदान के अतिरिक्त चयनित इकाइयों को 2 प्रतिशत तक अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिलेगा। इसके अलावा एसएमई एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से धन जुटाने पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति के रूप में अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सहायता, उन्नत तकनीक एवं सॉफ्टवेयर अधिग्रहण पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक पुनर्भरण सहायता, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानक प्रमाणन तथा बौद्धिक संपदा अधिकार प्राप्त करने पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 3 लाख रुपये तक सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेने हेतु स्टॉल किराया एवं आवागमन पर अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक सहायता, उद्यमों के डिजिटलीकरण हेतु उपकरण एवं सॉफ्टवेयर क्रय पर हुए व्यय का 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये तक अनुदान तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुल्क पर 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये तक की पुनर्भरण सहायता का प्रावधान भी किया गया है।
महाप्रबंधक ने बताया कि राजस्थान निर्यात संवर्धन नीति-2024 के अंतर्गत राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दस्तावेजीकरण सहायता, गुणवत्ता एवं प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन सहायता, उत्पाद जांच पुनर्भरण, ई-कॉमर्स सहायता तथा निर्यात ऋण बीमा सहायता जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने जिले के उद्यमियों, स्टार्टअप संचालकों एवं औद्योगिक इकाइयों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान करते हुए बताया कि पात्र इकाइयां एसएसओ आईडी के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं। योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, भरतपुर कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।


