ग्रामीण सेवा शिविर: स्वामित्व योजना से उर्वशी के चेहरे पर आई मुस्कान, मौके पर ही मिला पट्टा
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राज्य सरकार द्वारा आयोजित जनकल्याण शिविरों के अंतर्गत ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक सकारात्मक बदलाव पंचायत समिति नदबई की ग्राम पंचायत रायसीस में आयोजित शिविर में देखने को मिला, जहां स्वामित्व योजना के तहत लाभार्थी उर्वशी शर्मा को मौके पर ही उनकी भूमि का मालिकाना हक (पट्टा) सौंप दिया गया।
- बैंक लोन की राह हुई आसान
ग्राम रायसीस निवासी लाभार्थी उर्वशी शर्मा (पत्नी सुनील कुमार) ने बताया कि लंबे समय से स्वामित्व पट्टा न होने के कारण उन्हें बैंक से ऋण (लोन) लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बैंक द्वारा भूमि के वैध पट्टे की मांग की जा रही थी, जिसके अभाव में उनका काम रुका हुआ था।
- उपखंड अधिकारी ने मौके पर ही किया समाधान
सोमवार को आयोजित इस शिविर में 22 विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। शिविर के दौरान उर्वशी शर्मा ने अपनी इस समस्या से बयाना उपखंड अधिकारी (SDM) दीपक मित्तल को अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा तुरंत लाभार्थी के सभी आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति करवाकर स्वामित्व योजना के तहत आवेदन कराया गया और कुछ ही समय में पट्टा तैयार कर उर्वशी शर्मा को सौंप दिया गया।
उर्वशी शर्मा, लाभार्थी ने बताया कि - "पट्टा मिलने के बाद अब मैं आसानी से बैंक लोन के लिए आवेदन कर सकूंगी। इससे हमें कृषि कार्य को आगे बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।" —
पट्टा हाथ में आते ही उर्वशी शर्मा के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने त्वरित राहत के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये ग्रामीण सेवा शिविर गांव-गांव तक सीधे लाभ पहुंचाने का एक बेहद सशक्त और सराहनीय माध्यम बन रहे हैं।


