सालाबाद मे ग्रामीण सेवा शिविर बना वरदान, मिनटों में मिला भूमि विभाजन का समाधान
बयाना (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशन में आयोजित हो रहे ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की जटिल और वर्षों पुरानी समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच साबित हो रहे हैं। सोमवार को उपखंड बयाना की ग्राम पंचायत सालाबाद में आयोजित शिविर एक परिवार के लिए उस समय वरदान बन गया, जब वर्षों से अटका भूमि विवाद कुछ ही मिनटों में सुलझ गया।
वर्षों से काट रहे थे चक्कर, मौके पर बनी सहमति
ग्राम अगावली निवासी केदार गुठल पुत्र रतन गुर्जर और उनके सह-खातेदार देवीसिंह, बंटू व बहादुर के बीच पैतृक कृषि भूमि के बंटवारे का मामला आपसी सहमति न बनने के कारण सालों से लंबित था। पीड़ित पक्ष को इसके लिए विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इसी दौरान हल्का पटवारी ने उन्हें ग्रामीण सेवा शिविर के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने शिविर में पहुंचकर अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
केदार गुठल (लाभार्थी ग्रामीण) ने बताया कि- "जिस काम के लिए हम सालों से परेशान थे और दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, वह इस शिविर के माध्यम से पारदर्शी और त्वरित तरीके से चंद मिनटों में पूरा हो गया।"
अधिकारियों की मुस्तैदी से एक ही दिन में मिली स्वीकृति
मामले की गंभीरता को देखते हुए बयाना उपखंड अधिकारी (SDM) दीपक मित्तल तथा राजस्व विभाग के आला अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम के निर्देश पर संबंधित पटवारी हिमांशु शर्मा एवं संजय कुमार ने मौके पर ही दोनों पक्षों को बिठाकर आपसी सहमति से विभाजन प्रस्ताव तैयार किया। इसके तुरंत बाद विकास अधिकारी शिवसिंह एवं नायब तहसीलदार संजय कुमार वर्मा ने आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण कर सहमति विभाजन को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी।
एक ही दिन में सालों पुरानी समस्या का समाधान होने पर केदार गुठल और उनके परिजनों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन का यह रुख आमजन को राहत देने वाला और सराहनीय है।


