खेत पर फसल देखने गए तीन किसानों पर पैंथर का हमला, साढ़े 10 घंटे के कड़े रेस्क्यू के बाद किया ट्रैंकुलाइज
रामगढ़ के जंगलों और खेतों में दिनभर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा; पीपल के पेड़ पर बैठे पैंथर को देखने उमड़ी हजारों ग्रामीणों की भीड़, सरिस्का टीम को तीसरे प्रयास में मिली सफलता
कठूमर (दिनेश लेखी) उपखंड क्षेत्र के रामगढ़ इलाके में रविवार को उस समय भारी अफरा-तफरी और दहशत फैल गई, जब खेतों में खड़ी फसल देखने गए तीन किसानों पर एक पैंथर ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। हमले में तीनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। घटना के बाद पैंथर पास ही स्थित एक ऊंचे पीपल के पेड़ पर जा बैठा। वन विभाग, पुलिस और सरिस्का की स्पेशल रेस्क्यू टीम ने करीब साढ़े 10 घंटे चले कड़े और रोमांचक अभियान के बाद शाम को पैंथर को सुरक्षित ट्रैंकुलाइज (बेहोश) कर काबू में पाया।
- सुबह-सुबह हुआ अचानक हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामगढ़ निवासी जयराम यादव, बबलीराम और चतर रविवार सुबह करीब छह बजे अपने खेतों में ज्वार-बाजरा की फसल का निरीक्षण करने गए थे। इसी दौरान पास की झाड़ियों में घात लगाकर बैठे पैंथर ने उन पर हमला बोल दिया। पैंथर ने बारी-बारी से तीनों को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। ग्रामीणों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे अन्य लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े, जिसके बाद पैंथर घबराकर पास के एक पीपल के पेड़ पर चढ़ गया।
- दो बार चूका निशाना, तीसरे प्रयास में मिली सफलता
घटना की सूचना मिलते ही धौलागढ़ देवी, कठूमर और खेरली थाने की पुलिस समेत वन विभाग और सरिस्का की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वन्यजीवों के विशेषज्ञों ने सबसे पहले पेड़ के चारों तरफ सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) बिछाया। इसके बाद ट्रैंकुलाइज गन से पैंथर को बेहोश करने की प्रक्रिया शुरू हुई। पैंथर की सतर्कता के कारण शुरुआती दो प्रयास विफल रहे। लेकिन टीम ने धैर्य नहीं खोया और शाम 5:35 बजे तीसरे प्रयास में सटीक निशाना लगाया। दवा का असर होते ही पैंथर अचेत होकर सीधे सुरक्षा जाल में गिरा, जिसके बाद उसे पिंजरे में शिफ्ट कर चिकित्सकीय परीक्षण के बाद सरिस्का रवाना कर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था संभालना बनी बड़ी चुनौती -पैंथर के हमले और उसके पेड़ पर बैठने की खबर आग की तरह फैली, जिसके बाद आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में तमाशबीनों की भीड़ जुट गई। भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हुआ। डीएसपी जोगिंदर सिंह राजावत के नेतृत्व में तीन थानों के जाब्ते ने मोर्चा संभाला और सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को दूर रखा।
सुबह से लेकर शाम तक चले इस हाई-प्रोफाइल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल था। शाम को जब पैंथर के पकड़े जाने की घोषणा हुई, तब जाकर ग्रामीणों ने चैन की सांस ली। वन विभाग के एसीएफ प्रशांत गौड़ और रेंजर प्रियंका ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीव क्षेत्रों के पास अकेले न जाएं और किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें।


