विवाह पंजीयन से मिला रिश्ते को सम्मान और सुरक्षा: ग्रामीण सेवा शिविर में मौके पर ही जारी हुआ प्रमाण-पत्र
भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जन कल्याण शिविरों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को बड़ी राहत मिल रही है। पंचायत समिति रूपवास की ग्राम पंचायत चैंकोरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर मंगलवार को चैंकोरा निवासी जितेंद्र और उनकी पत्नी सलोनी के जीवन में एक नई खुशी और सुरक्षा की सौगात लेकर आया। शिविर में दोनों का विवाह पंजीयन करवाकर मौके पर ही प्रमाण-पत्र सौंप दिया गया।
- दस्तावेजों के अभाव में अटकी थी कानूनी मान्यता
चैंकोरा निवासी जितेंद्र ने बताया कि सलोनी के साथ उनका विवाह संपन्न तो हो चुका था, लेकिन विवाह पंजीयन नहीं होने के कारण उनके पास वैवाहिक संबंध का कोई आधिकारिक या कानूनी दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। जानकारी के अभाव में वे इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पा रहे थे। मंगलवार को जब गांव में ही ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन हुआ, तो उन्हें वहां विवाह पंजीयन की सुविधा के बारे में पता चला।
- प्रशासन ने मौके पर ही किया समाधान
मामला सामने आने पर रूपवास उपखंड अधिकारी विष्णु बंसल के निर्देशन में शिविर में मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों ने संवेदनशीलता दिखाई। जितेंद्र की समस्या को समझते हुए मौके पर ही सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्क्रूटनी व औपचारिकताएं पूरी की गईं और तत्काल विवाह का सफलतापूर्वक पंजीकरण कर प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
- 22 विभागों ने पहुंचाई राहत
इस ग्रामीण सेवा शिविर में कुल 22 विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया।
- लाभार्थी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के बाद जितेंद्र और सलोनी के चेहरे खिल उठे। जितेंद्र ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा: "अब हमारे रिश्ते को कानूनी मान्यता मिल गई है। इससे भविष्य में किसी भी सरकारी योजना, बैंकिंग कार्य, सामाजिक सुरक्षा अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यों में हमें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।"
लाभार्थी ने इस त्वरित राहत के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि यह शिविर गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहे हैं।


