प्रचार-प्रसार के अभाव में 'पी एम स्वनिधि शहरी शिविर' पड़ा सूना, खाली कुर्सियां चिढ़ा रही हैं मुंह
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के दावों की जमीनी हकीकत कस्बे में कुछ और ही बयां कर रही है। कस्बे की नगरपालिका परिसर में आयोजित किए जा रहे 'पी एम स्वनिधि शहरी शिविर' में विभागीय तालमेल और प्रचार-प्रसार की भारी कमी देखने को मिली है। उचित जानकारी के अभाव में शिविर पूरी तरह सूना नजर आ रहा है और जरूरतमंद लोग योजना का लाभ उठाने से वंचित हैं।
- शिविर में पसरा सन्नाटा, कुर्सियां रहीं खाली
नगरपालिका कार्यालय में चल रहे इस विशेष शिविर में स्थिति बेहद निराशाजनक बनी हुई है। यहां आने वाले लाभार्थियों की संख्या प्रायः शून्य के बराबर देखी जा रही है। शिविर स्थल पर अधिकारियों और कर्मचारियों के इंतजार में लगाई गई कुर्सियां सुबह से शाम तक खाली पड़ी रहती हैं। लाखों रुपये खर्च कर आयोजित किए जा रहे इन शिविरों में इस तरह का सन्नाटा प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
- जानकारी का अभाव बना बड़ी बाधा
स्थानीय प्रबुद्ध जनों और जानकारों का कहना है कि शिविर के पूरी तरह फ्लॉप होने के पीछे सबसे बड़ा कारण सूचना तंत्र का फेल होना है। आम जनता, विशेषकर रेहड़ी-पटरी और छोटे दुकानदारों (जिनके लिए पीएम स्वनिधि योजना चलाई जा रही है), को शिविर के आयोजन और उसके निश्चित स्थान की कोई संपूर्ण जानकारी ही नहीं दी गई। बिना किसी पूर्व मुनादी, प्रचार-प्रसार या बैनर-पोस्टर के गुपचुप तरीके से शुरू किए गए इस शिविर की भनक तक कस्बे के पात्र लोगों को नहीं लग सकी।
- लापरवाही से अटकी वेंडर्स की सामाजिक सुरक्षा
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत छोटे व्यापारियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए बेहद आसान शर्तों पर ऋण और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। ऐसे में शिविर में लोगों की अनुपस्थिति यह साफ दर्शाती है कि योजना को धरातल पर उतारने वाले जिम्मेदार विभाग केवल कागजी खानापूर्ति में व्यस्त हैं, जिससे पात्र लोग इस बेहतरीन योजना के लाभ से महरूम रह गए हैं।
जनता की मांग: कस्बे के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे महत्वपूर्ण शिविरों का आयोजन करने से पहले शहरी क्षेत्रों में सघन प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकार की मंशा के अनुरूप अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को इसका पूरा लाभ मिल सके।


