ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार पैतृक गांव लौटे अग्निवीर सूरज कुमावत का गुरला और राजपुरा में ढोल-नगाड़ों ऐतिहासिक स्वागत
गुरला। (बद्रीलाल माली) देश सेवा का जज्बा लेकर भारतीय सेना में अग्निवीर बने सूरज कुमावत का ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार अपने पैतृक गांव राजपुरा लौटने पर ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछाकर ऐतिहासिक स्वागत किया। भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत रामपुरिया के राजपुरा गांव निवासी शंकर लाल कुमावत के सुपुत्र सूरजमल कुमावत के गुरला पहुंचने पर ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारों के साथ उनका जोरदार अभिनंदन किया।
- फूल-मालाओं और साफे से किया सम्मान
जवान सूरजमल कुमावत का गुरला पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों, डीजे और साफा पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर राजपुरा निवासी रोशन लाल सेन, श्याम लाल सेन, सोहन जाट, जगदीश जाट, चांदमल गुर्जर, किसान कुमावत सहित गांव के प्रबुद्ध जनों और युवा साथियों ने जवान को साफा पहनाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि सूरज कुमावत ने भारतीय सेना में शामिल होकर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वे आज के युवाओं के लिए राष्ट्र सेवा की एक नई प्रेरणा बनकर उभरे हैं।
- देशभक्ति के रंग में रंगा पूरा क्षेत्र
स्वागत समारोह के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। गांव के बड़े-बुजुर्गों से लेकर बच्चों और युवाओं में देश के इस सपूत के स्वागत को लेकर भारी उत्साह था। ग्रामीणों ने कहा कि सूरज की यह कामयाबी क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी सेना में जाकर देश की रक्षा करने के लिए प्रेरित करेगी।
इस भव्य स्वागत समारोह में गुरला, कैलाशपुरी, गाडरी खेड़ा, राजपुरा, रामपुरिया एवं आस-पास के गांवों से भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से जवान सूरजमल कुमावत के सफल, सुरक्षित और उज्ज्वल सैन्य जीवन की मंगलकामना की।


