कुशीनगर में जर्जर ट्रांसफार्मर ब्लास्ट: मां-बेटे समेत चार लोग झुलसे, लापरवाही पर जेई निलंबित; शिकायतों के बावजूद नहीं बदला गया खराब ट्रांसफार्मर
कुशीनगर, (शशि जायसवाल) जिले के पड़रौना ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोहड़ा में जर्जर ट्रांसफार्मर फटने से बड़ा हादसा हो गया। सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे 63 केवीए का ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ विस्फोटित हो गया और उछलकर पास स्थित एक मकान पर जा गिरा। हादसे के बाद मकान में आग लग गई, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्य झुलस गए।
घायलों में महेश्वर सिंह (35), उनकी पत्नी अंगिरा देवी (33) और पांच वर्षीय पुत्र दिव्यांशु गंभीर रूप से झुलस गए हैं। तीनों का इलाज कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं सात वर्षीय शौरभ सिंह को मामूली चोटें आई हैं और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
कई दिनों से मिल रही थी शिकायत
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब स्थिति में था और उससे लगातार धुआं निकल रहा था। गांव के लोगों ने इसकी शिकायत जनसुनवाई और जनता दर्शन कार्यक्रमों में भी की थी। स्थानीय निवासी उपेंद्र तिवारी समेत कई ग्रामीणों ने बिजली विभाग को कई बार अवगत कराया, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लिया होता तो इस हादसे को रोका जा सकता था।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा
- घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
- एडीएम ने बताया कि घायलों का समुचित इलाज कराया जा रहा है तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा भी सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई
हादसे के बाद बिजली विभाग ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की है। विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता राकेश मोहन ने 33/11 केवी उपकेंद्र कुबेरस्थान के अवर अभियंता अरविंद मणि त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड पड़रौना को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
जनसुरक्षा पर उठे सवाल
- इस हादसे ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और जर्जर विद्युत उपकरणों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई न होने से एक परिवार की जिंदगी संकट में पड़ गई।
- अब ग्रामीणों की मांग है कि जिलेभर में जर्जर ट्रांसफार्मरों और बिजली उपकरणों की तत्काल जांच कर उन्हें बदला जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- बिजली विभाग ने कहा है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


