सहमति विभाजन से मिली राहत, वर्षों की चिंता हुई समाप्त
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) ग्रामीण सेवा शिविर 2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच साबित हो रहा है। उपखंड बयाना की ग्राम पंचायत नारौली में बुधवार को ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित हुआ। जिसमें ग्राम नारौली निवासी पतराम पुत्र कल्लूआराम एवं उनके सह-खातेदार तीन भाई एवं एक भाई की संतान के बीच पैतृक कृषि भूमि का बंटवारा मौके पर किया गया।
ग्राम नारौली निवासी पतराम ने बताया कि खातेदारी भूमि का विभाजन लंबे समय से लंबित होने के कारण उन्हें विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। भूमि में मेरे सहित तीन भाइयों तथा एक भाई की संतानों के नाम दर्ज थे। लंबे समय से हम सभी आपसी सहमति से भूमि का विभाजन करवाना चाहते थे, लेकिन उचित अवसर और प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में यह कार्य लंबित था। पटवारी हल्का द्वारा उन्हें ग्रामीण सेवा शिविर की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने शिविर में पहुंचकर विभाजन संबंधी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
लाभार्थी ने बताया कि शिविर में नायब तहसीलदार संजय कुमार वर्मा ने उपखण्ड अधिकारी दीपक मित्तल की उपस्थिति में हमारे सहमति विभाजन प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण करते हुए विभाजन स्वीकृत कर दिया। वर्षों से लंबित यह कार्य एक ही दिन में पूर्ण हो गया। प्रत्येक खातेदार को उसकी हिस्सेदारी स्पष्ट रूप से प्राप्त हो गई है, जिससे भविष्य के विवादों की संभावना समाप्त हो गई है। इस त्वरित और पारदर्शी समाधान से हम सभी परिवारजन अत्यंत प्रसन्न हैं।
पतराम ने राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। शिविरों ने न केवल हमारी भूमि संबंधी समस्या का समाधान किया, बल्कि प्रशासन के प्रति हमारा विश्वास भी और मजबूत किया है।


