जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक सम्पन्न; प्रेम- भाईचारे और सामाजिक सौहार्द्र की परंपरा को बनाए रखें - मृदुल सिंह
सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ एवं अफवाह फैलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) आगामी मोहर्रम एवं ताजिया पर्व के अवसर पर जिले में शांति, सौहार्द्र एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि ताजिया जुलूस एवं शोभायात्राओं के निर्धारित मार्गों का नगर निगम, बीडीए एवं पुलिस विभाग द्वारा आयोजकों के साथ पूर्व निरीक्षण किया जाए तथा जहां कहीं भी बिजली के तार ढीले अथवा अव्यवस्थित हों, उन्हें संबंधित विभागों के माध्यम से समय रहते ठीक कराया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में ऐसी ऊंची संरचनाओं अथवा वस्तुओं का उपयोग नहीं किया जाए, जिनसे किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस कोई भी ताजिया नहीं निकाला जाएगा। साथ ही शहर में चल रहे विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए ताजिया जुलूस एवं शोभायात्राओं के मार्गों पर कीचड़, जलभराव तथा सड़कों के गड्ढों की मरम्मत कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि भरतपुर सदैव से प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द्र की मिसाल रहा है। सभी पर्व एवं त्यौहार आपसी सद्भाव, शांति और सहयोग की भावना के साथ मनाए जाएं, जिससे जिले की गौरवशाली परंपरा और अधिक सुदृढ़ हो। उन्होंने आयोजकों एवं शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे आयोजनों पर सतत निगरानी रखें तथा निष्पक्ष एवं जिम्मेदार भूमिका निभाएं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) राहुल सैनी ने कहा कि ताजिया जुलूस एवं शोभायात्राओं के सफल संचालन हेतु आयोजक अपने स्वयंसेवकों (वॉलिंटियर्स) की सूची संबंधित थाना प्रभारियों को उपलब्ध कराएं, ताकि आवश्यक समन्वय एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क-
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय धर्मेंद्र यादव ने कहा कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी डीजे संबंधी दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी तथा रात्रि 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि आयोजक अपने स्वयंसेवकों के लिए निर्धारित पहचान कोड अथवा ड्रेस कोड सुनिश्चित करें, जिससे भीड़ में उनकी पहचान आसानी से हो सके। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक, भड़काऊ एवं अफवाह फैलाने वाली पोस्टों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों एवं आयोजकों से अपील की कि यदि किसी भी प्रकार की भ्रामक अथवा आपत्तिजनक पोस्ट उनके संज्ञान में आए तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन एवं पुलिस को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक एवं माकूल इंतजाम किए जाएंगे तथा किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भरतपुर की अमन, शांति और गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मोहर्रम पर्व का आयोजन पूर्ण सौहार्द्र एवं अनुशासन के साथ किया जाए। बैठक में उपस्थित शांति समिति के सदस्यों एवं आयोजकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि मोहर्रम एवं ताजिया कार्यक्रम पूर्ण शांति, अनुशासन और कानून व्यवस्था के अनुरूप आयोजित किए जाएंगे तथा सभी समुदायों के सहयोग से भरतपुर की कौमी एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की परंपरा को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
इस दौरान बैठक में आईपीएस सीओ सिटी आशिमा वासवानी, उपखंड अधिकारी भारती गुप्ता, यातायात पुलिस सीओ नरेंद्र कुमार, पीडब्ल्यूडी अधिशाषी अभियंता आर.सी. मीना, नगर निगम सचिव प्रताप सिंह, तहसीलदार शहर अजय पारीक, मथुरागेट थाना प्रभारी हरलाल, कोतवाली थाना प्रभारी रामनिवास, अटलबंद थाना प्रभारी हेमेंद्र, वाहिद खान, नदीम, शरीफ शाह सहित ताजिया लाइसेंसधारकों, आयोजकों एवं जिला शांति समिति के सदस्यों ने भाग लिया।


