ऊकरूंद मैं विशाल हरिकीर्तन दंगल बना आस्था का महासंगम, दिनभर उमड़ता रहा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
महुवा (अवधेश अवस्थी) महुवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में पूर्व सरपंच रामफूल मीणा के निवास पर आयोजित दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल समारोह का प्रथम दिवस धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अनुपम उदाहरण बनकर सामने आया। सुबह से लेकर देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। गांव ही नहीं बल्कि आसपास के अनेक गांवों से भी बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग कार्यक्रम में पहुंचे तथा भजन-कीर्तन और धार्मिक कथाओं का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
- 1-हरिकीर्तन पार्टी-मीना सीमला --हरदौल भगत की कथा
- 2-हरिकीर्तन पार्टी-गुढा बरोली (धौलपुर)-- कौरव पांडव के बटवारे की कथा
- 3--पार्टी-खानपुर (करौली)--भोला पार्वती विवाह की कथा
- 4-नाहरखोहरा --अभिमन्यु की कथा सुनाई गई
हरिकीर्तन दंगल के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा। मंच पर विराजमान कीर्तन मंडलियों ने भगवान श्रीकृष्ण, श्रीराम, राधारानी एवं विभिन्न देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए। मधुर भजनों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए तथा बार-बार भगवान के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठता रहा।
दंगल में शामिल सभी कीर्तन पार्टियों ने अपने-अपने अंदाज में धार्मिक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने भजनों के साथ-साथ विभिन्न पुराणों, धार्मिक ग्रंथों और संत महापुरुषों के जीवन प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। कथावाचकों ने धर्म, कर्म, मानव सेवा, माता-पिता की सेवा, गौ सेवा, राष्ट्र प्रेम और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर प्रेरणादायक संदेश दिए। धार्मिक कथाओं को सुनकर उपस्थित श्रोतागण भाव-विभोर हो गए तथा अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पंडाल में बैठने की व्यवस्था होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। महिलाओं और युवाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में भाईचारा, संस्कार और धार्मिक चेतना का प्रसार होता है तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) कालूराम जगमोहन खुशीराम ने बताया कि ग्राम ऊकरूंद में वर्षों से हरिकीर्तन दंगल की परंपरा चली आ रही है और प्रत्येक वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इसी उद्देश्य से ग्रामवासियों के सहयोग से यह विशाल आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजक समिति द्वारा सभी कीर्तन पार्टियों, अतिथियों, संत-महात्माओं एवं दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का गर्मजोशी के साथ स्वागत एवं सम्मान किया गया। मंच पर उपस्थित भजन गायकों और सहयोगकर्ताओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि श्रोताओं का उत्साह और सहयोग ही ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी सफलता है।
भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। पूरे दिन भोजन प्रसादी के साथ शिकंजी, ठंडा पेयजल, फल-फ्रूट एवं अन्य जलपान सामग्री का वितरण किया गया। सेवा कार्य में लगे ग्रामीण लगातार श्रद्धालुओं को जलपान कराते रहे। इस दौरान लोगों ने सेवा भावना की भी सराहना की और आयोजकों के प्रयासों को सफल बताया।
दंगल में शामिल कीर्तन पार्टियों ने भगवान की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने, बुराइयों से दूर रहने तथा समाज में प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। भक्ति संगीत और धार्मिक प्रवचनों के संगम ने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया। देर शाम तक भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी रहा और श्रद्धालु पूरी तन्मयता के साथ कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
आयोजन को सफल बनाने में जगमोहन मीना जयन , खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) उमाशंकर मीना, जीतेश मीना राजाराम सरपंच मंच संचालक लक्ष्मण मीणा गिरधारी जगराम मीणा रामावतार देर कई राम मीणा अंकेश मीणा घनश्याम योगीसहित समस्त ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान रहा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए शुक्रवार के कार्यक्रम में भी अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया।
धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश देता यह विशाल हरिकीर्तन दंगल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है तथा श्रद्धालुओं में दूसरे दिन के कार्यक्रम को लेकर भी भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।


