राहुल गांधी के प्रस्तुतीकरण का प्रोजेक्टर पर किया प्रदर्शन, परीक्षा प्रणाली, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर हुई चर्चा
कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार संकट पर उठाए सवाल
डीग (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव चौधरी के नेतृत्व में बुधवार को डीग के मेला मैदान स्थित गुरु आशीष स्कूल में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा कोटा में दिए गए शिक्षा एवं रोजगार संबंधी प्रस्तुतीकरण का प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। इसमें छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर जिला राजीव चौधरी ने कहा कि देश गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट से गुजर रहा है। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी युवाओं के सामने बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, लोक सेवा आयोगों, व्यापम तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी जैसी संस्थाओं की विफलताओं से छात्रों में तनाव और असुरक्षा का माहौल बना है।
राहुल गांधी के प्रस्तुतीकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, संयुक्त प्रवेश परीक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा जैसी प्रमुख परीक्षाओं के अभ्यर्थियों से प्रतिवर्ष लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपए की आर्थिक वसूली हो रही है, जो केंद्र सरकार के पांच प्रमुख मंत्रालयों के संयुक्त बजट के बराबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था चयन नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर छात्रों को बाहर करने की प्रणाली बन गई है।
कांग्रेस नेता जलीश खान ने कहा कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली युवाओं को अभियंता, चिकित्सक, अधिवक्ता, भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी और सशस्त्र बलों जैसे सीमित विकल्पों तक ही बांध देती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में अवसरों को पर्याप्त बढ़ावा नहीं मिलता। प्रभारी देशराज मीणा ने कहा कि लाखों अभ्यर्थी सीमित रिक्तियों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं और अधिकांश युवाओं के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं बचता।
जिला पार्षद मोहन सिंह गुर्जर ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बहुत कम छात्रों का चयन होता है, जबकि बड़ी संख्या में युवा निराशा और बेरोजगारी का सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अभियंता बेरोजगार हैं और असंगठित सेवा आधारित अर्थव्यवस्था में जाने को मजबूर हो रहे हैं।
ब्लॉक डीग अध्यक्ष पंकज भूषण गोयल ने राहुल गांधी द्वारा सुझाए गए तीन बिंदुओ हर छात्र को बड़े सपने देखने की स्वतंत्रता, शिक्षा की जिम्मेदारी व्यवस्था की हो तथा न्यूनतम लागत पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
भवानी शंकर शर्मा ने डीग जिले में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कार्यक्रम में सुघड़ सिंह, फज्जर खान, राजकुमार कठेरा, राहुल सोनी, एम. जुबैर खान, मिट्ठू सिंह सांखला, मूलचंद पोहिया, पूरन बडेसरा, गजराज पेंघौर, अनुराग पला, नरेंद्र मीणा, विक्रम वकील सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


