बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और शिक्षा के संदेश को आगे बढ़ाएगा अंबेडकर धर्मशाला भवन: जवाहर सिंह बेढम
बृजनगर में अंबेडकर धर्मशाला का भूमि पूजन एवं शिलान्यास; समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं से संवाद, सामाजिक एकता व शिक्षा पर दिया जोर
डीग (नीरज जैन) राजस्थान सरकार के गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक न्याय, समान अवसर और शिक्षा के माध्यम से एक समरस एवं सशक्त समाज का सपना देखा था। बृजनगर में बनने वाली अंबेडकर धर्मशाला उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं होगा, बल्कि सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का ऐसा केंद्र बनेगा, जहां समाज को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलेगी।
वे शनिवार को डीग जिले के बृजनगर में समस्त जाटव समाज के तत्वावधान में आयोजित अंबेडकर धर्मशाला निर्माण कार्य के भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विभिन्न समाजों द्वारा धर्मशालाओं और सामाजिक भवनों का निर्माण केवल भवन बनाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनका उद्देश्य समाज को संगठित करना, सामाजिक समरसता को मजबूत करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराना होता है। ऐसे भवनों में सामाजिक कार्यक्रमों के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियां, संगोष्ठियां, बैठकें और समाजहित के विभिन्न आयोजन किए जा सकते हैं। बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी यह भवन आश्रय स्थल का कार्य करेगा।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे शिक्षा, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर समाज को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है और संगठित समाज ही विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
समारोह में गृह राज्यमंत्री ने भूमि पूजन कर धर्मशाला निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों एवं युवाओं से संवाद भी किया। अंत में जाटव समाज के पदाधिकारियों एवं उपस्थित लोगों ने गृह राज्यमंत्री का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।


