मकराना पंचायत समिति के विकास अधिकारी दीपक चौधरी निलंबित, प्रशासनिक अनियमितताओं के लगे आरोप
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। मकराना पंचायत समिति के विकास अधिकारी दीपक चौधरी पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, यह निर्णय उनके विरुद्ध चल रही विभागीय जांच और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर लिया गया है। स्थानीय सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के संघ ने विकास अधिकारी के विरुद्ध मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी।
- शिकायत में मुख्य रूप से स्वच्छ भारत मिशन में अनियमितता में वेंडर्स द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन न करना और भुगतान रोकने के आरोप।
- मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार: अपनी पसंदीदा फर्मों को भुगतान करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों द्वारा प्रस्तुत लगभग 1 करोड़ रुपये के बिल ऑनलाइन सिस्टम से डिलीट करने का आरोप।
- बजट लैप्स होना: मनरेगा के कार्यों का भुगतान समय पर न करने के कारण राशि का राज्य सरकार के खाते में वापस लौट जाना, जिससे वेंडर्स और पंचायतों को आर्थिक नुकसान हुआ।
- अन्य आरोप: एसएफसी/एफएफसी बजट का असमान वितरण, विधायक/सांसद कोष के समायोजन में लापरवाही और व्यक्तिगत खातों में राशि जमा करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
सरकारी आदेशों के तहत, दीपक चौधरी को तत्काल कार्यभार छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पंचायती राज विभाग, जयपुर रहेगा और बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। इस निलंबन को मकराना क्षेत्र में सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। फिलहाल, पंचायत समिति का कार्यभार किसे सौंपा जाएगा, इसे लेकर विभागीय आदेशों की प्रतीक्षा की जा रही है।


