इंदौर में श्रावक संस्कार शिविर के बीच उपजा वैराग्य: युवा वकील अमन जैन ने थामा संयम का मार्ग, लिया आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत
लक्ष्मणगढ़ / कमलेश जैन ।
इंदौर में जगद्गुरु पूज्य 108 श्री सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित 33वें श्रावक संस्कार शिविर में एक दुर्लभ और हृदयस्पर्शी प्रसंग देखने को मिला। शिविर के दौरान साधना के चरम क्षणों में एक युवा वकील के अंतर्मन में वैराग्य की ऐसी निर्मल धारा फूटी कि उसने भरी जवानी में संसार की तमाम मोह-माया को सदा के लिए अलविदा कह दिया।
मुंगावली (जिला अशोकनगर) निवासी दिनेश कुमार जैन के सुपुत्र एवं पेशे से एडवोकेट अमन जैन (LLB), जो शिविर के 'विद्यासागर ग्रुप' (बैच नंबर 38) में साधना कर रहे थे, उन्होंने उत्तम शौच धर्म के पावन अवसर पर पूज्य गुरुदेव श्री सुधासागर जी महाराज के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत ग्रहण किया।
गुरुदेव बोले- चलते सत्र में पहली बार जागा ऐसा वैराग्य इस अलौकिक क्षण पर पूज्य गुरुदेव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि यह ऐसा पहला ऐतिहासिक शिविर है, जिसमें चलते सत्र के बीच ही किसी शिविरार्थी के भीतर ऐसा तीव्र वैराग्य जागा कि उसने सीधे संघ में प्रवेश का निवेदन कर दिया। गुरुदेव ने कहा, "आए थे शिविरार्थी बनने और बन गए संघार्थी।"
शाम को निकलेगी भव्य बिनौली: ब्रह्मचारी प्रदीप भैया ने बताया कि देश भर से आए 7000 से अधिक शिविरार्थियों की मौजूदगी में अमन जैन के वैराग्य उत्सव को समाज पूरे वात्सल्य और श्रद्धा से मना रहा है। दोपहर में भावुक श्रावकों द्वारा मेहंदी आदि की मंगल रस्में निभाई गईं, वहीं शाम 7 बजे इंदौर की धरा पर गाजे-बाजे के साथ उनकी भव्य बिनौली निकाली जाएगी, जिसमें पूरा समाज इस नए साधक के संयम पथ की अनुमोदना करेगा।

