'नशा मुक्त भारत अभियान' के 6 साल पूरे: राजस्थान में 1 महीने तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान, 80 लाख लोग होंगे शामिल
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि नशा समाज के लिए एक अभिशाप है, जो हर वर्ग को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार हर स्तर पर मिलकर कार्य कर रही है।
मुख्य सचिव शुक्रवार को वीसी के माध्यम से नशा मुक्त भारत अभियान के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नशा मुक्त भारत अभियान के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक माह तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान में इस अभियान के तहत 80 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करें तथा केन्द्र सरकार से अभियान के संबंध में प्राप्त दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अभियान से ऐसे लोगों को भी जोड़ा जाए, जिन्होंने नशे की लत को छोड़ दिया है। उनके अनुभवों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग दिनेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 से संचालित इस अभियान के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में अब तक 1 करोड़ 35 लाख 46 हजार 605 लोगों को जागरूक किया गया है। साथ ही 3 हजार 735 नशा मुक्ति मित्र पंजीकृत किए गए हैं, जो नशा प्रभावित व्यक्तियों की सहायता कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न प्रकार की जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी तथा लोगों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई जाएगी। आयोजित कार्यक्रमों की जियो-टैगिंग के साथ फोटो भी अपलोड की जाएंगी।
इस अवसर पर जिला कलक्टर कमर चौधरी, सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह, एसीईओ रेखा रानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र यादव, समाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक मनोज आर्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

