जहाजपुर को मिला पहला बालिका आवासीय छात्रावास: ₹4.60 करोड़ की लागत से बनी आधुनिक इमारत का लोकार्पण
दूर-दराज की बालिकाओं को मिलेगा सुरक्षित और अनुशासित शैक्षणिक माहौल
जहाजपुर (भीलवाड़ा)मोहम्मद आज़ाद नेब।
जहाजपुर क्षेत्र की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की राह अब और सुगम हो गई है। क्षेत्र की बालिकाओं को सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 4 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका आवासीय छात्रावास का बुधवार को भव्य लोकार्पण किया गया।
इस अत्याधुनिक छात्रावास का उद्घाटन जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी तथा विधायक एवं भाजपा एसटी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष गोपीचंद मीणा की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
25 आवासीय कक्ष, कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी: जानें छात्रावास की मुख्य विशेषताएं
यह जहाजपुर क्षेत्र का पहला ऐसा बालिका आवासीय छात्रावास है, जहां सभी वर्गों की स्कूली छात्राओं को उच्च स्तरीय आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।
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आधुनिक कमरे: कुल 25 आवासीय कक्ष बनाए गए हैं। प्रत्येक कमरे में 4 छात्राओं के रहने के लिए बेड, अलमारियां और अन्य जरूरी सामान मौजूद हैं।
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शैक्षणिक सुविधाएं: छात्राओं की पढ़ाई के लिए परिसर के भीतर ही आधुनिक लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब तैयार की गई है।
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अन्य सुविधाएं: विशाल डाइनिंग हॉल, मीटिंग हॉल, आधुनिक किचन, स्टोर रूम तथा पर्याप्त संख्या में शौचालय एवं स्नानघर।
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स्टाफ व सुरक्षा: वार्डन के लिए 2 अलग आवासीय कक्ष और संचालन के लिए 5 सदस्यीय कुशल स्टाफ की नियुक्ति की गई है।
बालिका शिक्षा को मिलेगी नई दिशा और मजबूती
लोकार्पण अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इस छात्रावास के शुरू होने से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों की छात्राओं को पढ़ाई छोड़कर घर बैठने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
सुरक्षित और अनुशासित वातावरण मिलने से क्षेत्र में ड्रॉप-आउट दर में कमी आएगी और बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय निवासियों ने इस पहल को जहाजपुर के शैक्षणिक विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया है।

