खैरथल में 'कुर्सी' का हाई-वोल्टेज ड्रामा: गृह राज्य मंत्री की 5 घंटे चली मैराथन बैठक, निर्दलियों के हाथ सत्ता की चाबी
खैरथल (हिरा लाल भूरानी): खैरथल नगर परिषद के सभापति चुनाव से पहले राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। 21 सितंबर को होने वाली वोटिंग से ठीक पहले भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही खेमों ने साम-दाम-दंड-भेद की रणनीति अपना ली है। शनिवार को राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने ग्रीनलैंड होटल में भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के साथ करीब साढ़े पांच घंटे तक मैराथन बैठक कर पूरे जिले में भगवा फहराने का प्लान तैयार किया।
45 वार्ड, 8 सीटों वाली BJP और 17 निर्दलीयों का 'खेल' खैरथल के कुल 45 वार्डों में चुनावी गणित बेहद दिलचस्प हो गया है। बहुमत का आंकड़ा 23 है, जबकि कांग्रेस के पास 20 और भाजपा के पास महज 8 सीटें हैं। सारा दारोमदार 17 निर्दलीय पार्षदों पर आ टिका है। इसी बीच भाजपा ने बड़ा सियासी दांव खेलते हुए कांग्रेस के कद्दावर चेहरे विक्रम सिंह चौधरी (विक्की चौधरी) को पार्टी में शामिल कराकर सीधे सभापति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वहीं, कांग्रेस ने ओमप्रकाश रोघा पर अपना भरोसा जताया है।
पार्षदों के 'अपहरण' से सुलगा खैरथल, बाजार बंद चुनावी माहौल उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया जब वार्ड 3 के पार्षद रामधन और वार्ड 20 के पार्षद भगवानदास के कथित अपहरण का मामला थाने पहुंच गया। परिजनों ने कांग्रेस नेताओं और कुछ स्थानीय व्यापारियों पर सीधे आरोप लगाए हैं। इस घटनाक्रम और पुलिस की मॉक ड्रिल के विरोध में व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिससे शनिवार को खैरथल के प्रमुख बाजार, अनाज मंडी और सब्जी मंडी पूरी तरह ठप रहे।
21 सितंबर को होगा 'किंग' का फैसला एक तरफ जहाजों की बाड़ेबंदी और निर्दलीयों को साधने की जोड़-तोड़ जारी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस जांच का शिकंजा कसा हुआ है। अब पूरी तख्तापलट का फैसला 21 सितंबर को मतदान के बाद ही साफ होगा कि 17 निर्दलीय किसे नगर परिषद के सिंहासन पर बिठाते हैं।

