जहाडू के शगुन विहार विद्यालय में विद्यार्थियों को साइबर अपराध और नशामुक्ति के प्रति किया जागरूक
कठूमर ( दिनेश लेखी) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति कठूमर की ओर से विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम के तहत शकुन विहार जैन शिक्षण संस्थान उच्च माध्यमिक विद्यालय, जहाड़ू में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को कानून, उनके अधिकारों, साइबर अपराध से बचाव, नशामुक्ति, बाल अधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पैरा लीगल वालंटियर दीपक कुमार मीणा ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में विभिन्न कानूनी अधिकारों एवं विधिक सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को यदि कानूनी समस्या, उत्पीड़न, शोषण अथवा किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है तो वह उचित माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
शिविर के दौरान विद्यालय में ‘कोर्ट वाली दीदी’ के नाम से शिकायत पेटी स्थापित करने की व्यवस्था के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि वे अपनी किसी भी समस्या या शिकायत को बिना डर और संकोच के शिकायत पेटी के माध्यम से उचित स्तर तक पहुंचा सकते हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखने के लिए सुरक्षित और सहज माध्यम उपलब्ध कराना है।
इस दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि मोबाइल फोन, इंटरनेट, सामाजिक माध्यमों और ऑनलाइन लेन-देन का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति को अपना गोपनीय विवरण, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान संदेशों, संदिग्ध दूरभाष नंबरों और संदिग्ध संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए साइबर अपराध सहायता नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य हरीश चंद जाट ने विद्यार्थियों को बाल अधिकार, महिला सुरक्षा, शिक्षा के अधिकार, विधिक सहायता, साइबर अपराध से बचाव तथा कानून के प्रति जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कानूनी एवं सामाजिक कर्तव्यों को भी समझना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी या गलत घटना होने पर चुप नहीं रहें और उचित व्यक्ति अथवा संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें। जागरूकता और सही समय पर शिकायत करने से अनेक समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
इस शिविर में विद्यालय के विद्यार्थियों सहित कुल 180 लाभार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कानून एवं अपने अधिकारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग करना तथा किसी भी प्रकार के अपराध, शोषण या अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना रहा।

