ईसीसीई प्रशिक्षण में 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सीखीं नई तकनीकें: खेल और गतिविधियों के जरिए होगा नौनिहालों का विकास
ईसीसीई प्रशिक्षण में 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लिया सहभागिता
खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण से बाल विकास को प्रभावी बनाने पर दिया गया जोर, कागज के गिलासों से समझाया नींव का महत्व
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) को अधिक गुणवत्तापूर्ण, बाल-केंद्रित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में बुधवार को 'रॉकेट लर्निंग' संस्था और आईसीडीएस के संयुक्त तत्वावधान में नदबई ब्लॉक के नदबई शहर एवं ग्रामीण सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए प्रथम चरण के क्षमता विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
अनुभवी टीम के मार्गदर्शन में मिली ट्रेनिंग
आईसीडीएस के उप निदेशक सिकमाराम चोयल ने बताया कि जिला समन्वयक प्राची चौधरी व आकाश, तथा सुपरवाइजर निशा अग्रवाल व उमा देवी के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रशिक्षण में बाल मनोविज्ञान, भाषा व संज्ञानात्मक विकास और विद्यालय पूर्व शिक्षा की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
गिलास के टावर से समझाया नींव का सिद्धांत
प्रशिक्षण के दौरान एक रोचक समूह गतिविधि में कागज के गिलासों से टावर बनवाया गया। इसके जरिए समझाया गया कि जिस तरह किसी इमारत की मजबूती उसकी नींव पर टिकी होती है, ठीक उसी तरह बच्चे के शुरुआती साल उसके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला होते हैं।
पुस्तकीय ज्ञान नहीं, 'अनुभव' से सीखें बच्चे
शहरी व ग्रामीण सेक्टर की कार्यकर्ता पूनम देवी, सुमन कुमारी, ललता देवी, उषा मीना, रेखा रानी शर्मा, गायत्री, कविता शर्मा, लक्ष्मी देवी, सुशीला देवी और रंजना कुमारी सहित अन्य कार्यकर्ताओं को खाद्य पदार्थों के चित्रों व वास्तविक वस्तुओं के माध्यम से 'अनुभव आधारित अधिगम' का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने जोर देकर कहा कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें छूकर, देखकर, महसूस कर और प्रश्न पूछकर सीखने के अवसर दिए जाएं।
प्रशिक्षण शिविर: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| कार्यक्रम का नाम | प्रथम चरण ईसीसीई क्षमता विकास प्रशिक्षण |
| आयोजक | महिला एवं बाल विकास विभाग (ICDS) एवं रॉकेट लर्निंग |
| स्थान / ब्लॉक | नदबई (शहरी एवं ग्रामीण सेक्टर), भरतपुर |
| प्रतिभागियों की संख्या | 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं |
| मुख्य उद्देश्य | खेल-खेल में शिक्षण, बाल मनोविज्ञान और अनुभव आधारित शिक्षा (Experiential Learning) को बढ़ावा देना |
| मुख्य गतिविधि | पेपर कप टावर (नींव का महत्व) व खाद्य पदार्थों की प्रत्यक्ष शिक्षण गतिविधि |

