ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान: भरतपुर के स्कूलों में लगे विधिक जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को बाल तस्करी व अपहरण से बचाव के दिए मंत्र
भरतपुर | 01 सितंबर, कौशलेन्द्र दत्तात्रेय
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अपहरण, बाल तस्करी और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक करना रहा।
अजनबियों के प्रलोभन से रहें सावधान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर के अध्यक्ष बलजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सतर्कता का पाठ पढ़ाया। अधिकारियों ने समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए उपहार, टॉफी, नौकरी या घूमने के लालच में न आएं। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत मना करें, वहां से दूर जाएं और अपने माता-पिता, शिक्षक या विश्वसनीय व्यक्ति को सूचित करें।
कानूनी अधिकारों व सुरक्षा कानूनों की दी जानकारी
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिकसाना में आयोजित शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नवीन कुमार किलानिया ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पोक्सो (POCSO) अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015, भारतीय न्याय संहिता 2023, एंटी-रैगिंग कानून, निःशुल्क विधिक सहायता और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में जागरूक किया।
जिज्ञासाओं का किया समाधान
शिविर के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों की शंकाओं और प्रश्नों के उत्तर देकर उनका समाधान किया। विद्यार्थियों को बिना किसी डर के सुरक्षित वातावरण में शिक्षा ग्रहण करने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहकर उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।

