राजगढ़ के 'महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र' से मिला 251 परिवारों को न्याय, टूटते रिश्तों को जोड़ने में बना मददगार
राजगढ़ के महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र में सुलझ रहे घरेलू विवाद; 3 साल में 251 मामलों का हुआ सफल निस्तारण
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
महिला अधिकारिता विभाग द्वारा राजगढ़ पुलिस थाना परिसर में संचालित 'महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र' पीड़ित महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। सितंबर 2023 से संचालित इस केंद्र ने बीते 3 वर्षों के दौरान आपसी समझाइश और काउंसलिंग के जरिए 251 घरेलू विवादों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर कई टूटते परिवारों को बिखरने से बचाया है।
काउंसलर्स की मुस्तैदी से बिखरने से बचे परिवार
केंद्र पर कार्यरत दो परामर्शदाताओं—विधि काउंसलर अधिवक्ता उषा जाजू एवं सामाजिक काउंसलर ज्योति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दोनों परामर्शदाताओं द्वारा मामलों को संवेदनशीलता से सुनते हुए दोनों पक्षों की काउंसलिंग की जाती है, जिससे कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्करों से बचकर मामले आपसी सहमति से सुलझ रहे हैं।
मां को दिलाया छीन गया बच्चा, बुजुर्गों को घर में कराया पुनर्वास
केंद्र पर कई ऐसे जटिल और गंभीर मामले पहुंचे, जिनमें त्वरित और मानवीय कार्रवाई की गई। एक मामले में ससुराल पक्ष द्वारा मां से उसका मासूम बच्चा छीनकर महिला को घर से निकाल दिया गया था। केंद्र की परामर्शदाताओं ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ससुराल पक्ष को बुलाकर सख्त काउंसलिंग की और मां को उसका बच्चा वापस दिलवाया। इसके अलावा, बेटों और बहुओं द्वारा अपने ही घरों से बेदखल कर दी गईं कई बेसहारा बुजुर्ग महिलाओं की काउंसलिंग कर उन्हें पुनः सम्मानपूर्वक उनके घरों में आसरा दिलाया गया।
महिलाओं को मिल रहा अधिकार और सम्मान
राजगढ़ का यह केंद्र केवल विवाद ही नहीं सुलझा रहा, बल्कि पीड़ित महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और समाज में स्वाभिमान से जीने का हौसला भी प्रदान कर रहा है। केंद्र की इस पहल से क्षेत्र की महिलाओं में सुरक्षा और विश्वास का माहौल मजबूत हुआ है।

