भोपा बाजार में मलबा हटाने की कार्रवाई पर विवाद, महिला के विरोध के बीच PWD ने हटाया मलबा
राजस्व और पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई, प्रभावित पक्ष ने उठाए चयनात्मक कार्रवाई के सवाल
चौरीचौरा ( गोरखपुर/ शशि जायसवाल) तहसील के राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भोपा बाजार में अतिक्रमण हटाने के बाद मौके पर पड़े मलबे को हटाने की कार्रवाई बुधवार शाम विवादों के बीच पूरी की गई। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में मलबा हटवाया। इस दौरान जमीन पर अपना अधिकार जताते हुए एक महिला ने कार्रवाई का विरोध किया।
जानकारी के अनुसार, उक्त स्थान पर पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। ध्वस्तीकरण के बाद मौके पर मलबा पड़ा हुआ था, जिससे आवागमन में परेशानी होने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। शिकायतकर्ता पियूष खेतान द्वारा की गई शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया।
बताया जाता है कि एसडीएम के निर्देश पर बुधवार शाम PWD की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू कराया। इसी बीच एक महिला ने संबंधित भूमि पर अपना दावा करते हुए कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को समझाने का प्रयास किया। बाद में कार्रवाई जारी रखते हुए विभाग ने वहां पड़ा मलबा हटवा दिया।
PWD अधिकारियों के अनुसार, सड़क किनारे पड़े मलबे को हटाकर आवागमन को सुचारू करना इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य था। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल भी उठने लगे हैं।
प्रभावित पक्ष का आरोप है कि अतिक्रमण और मलबा हटाने की कार्रवाई में समान रूप से कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि क्षेत्र के अन्य स्थानों पर कथित अतिक्रमण होने के बावजूद कार्रवाई एक सीमित स्थान पर ही क्यों की गई। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जिस मामले और भूमि विवाद को लेकर न्यायालय में सुनवाई चल रही है, उससे जुड़े स्थान पर कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई भी विवादों में रही है और उससे जुड़ा मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है। ऐसे में बुधवार को मलबा हटाने की कार्रवाई के औचित्य को लेकर प्रभावित पक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस संबंध में एसडीएम चौरीचौरा रवि कुमार सिंह ने बताया कि PWD विभाग की ओर से पिछले करीब एक माह से लगातार पत्राचार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है और मलबा हटाने के लिए आदेश दिया गया था।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति को निजी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई है, तो मामले की जांच कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

