काजरी के मॉडल गांव नांदिया कलां में कृषि वैज्ञानिकों ने किया फसलों का निरीक्षण
काजरी के मॉडल गांव नांदिया कलां में कृषि वैज्ञानिकों ने किया फसलों का निरीक्षण; 'काजरी मोंठ-4' और 'मूंग MH-421' की पैदावार देख दिए मार्गदर्शन
बावड़ी (जोधपुर) | मिश्रीलाल लखारा
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर के कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चयनित 'आदर्श गांव' नांदिया कलां में कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने किसानों के खेतों का स्थलीय भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों ने काजरी द्वारा उत्पादित एवं किसानों को उपलब्ध कराए गए 'काजरी मोंठ-4' तथा 'मूंग MH-421' की फसलों की वर्तमान स्थिति और विकास का गहन अवलोकन किया।
कम बारिश में भी बेहतरीन पैदावार देने में सक्षम है 'काजरी मोंठ-4'
निरीक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने बताया कि काजरी द्वारा विकसित 'काजरी मोंठ-4' की किस्म कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उच्च गुणवत्ता और बेहतर उत्पादन देती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस उन्नत किस्म को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से नांदिया कलां के चयनित किसानों को यह बीज दिया गया है। उन्होंने किसानों को उत्पादित फसल को बीज के रूप में सहेजने और अन्य किसानों तक इसका प्रसार करने का तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया।
जलवायु जोखिम प्रबंधन और कृषि उपकरणों के रखरखाव पर चर्चा
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. भगवत सिंह राठौड़ ने गांव की 'जलवायु जोखिम प्रबंधन समिति' के सदस्यों एवं कृषकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने खेती में नए तकनीकी नवाचारों, कटाई के बाद फसल के सुरक्षित रखरखाव और संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए आधुनिक कृषि उपकरणों के समुचित इस्तेमाल व देखभाल के विषय में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. राठौड़ ने जोर देकर कहा कि कृषि यंत्रों का उपयोग इस तरह किया जाए, जिससे गांव के अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
खेत निरीक्षण एवं संवाद कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. भगवत सिंह राठौड़, डॉ. खुशवंत बी. चौधरी, डॉ. चंदना एम. आर., रवि कालश, गणपतराम मेघवाल, जितेंद्र सिंह भाटी, बाबूलाल माचरा, तुलछ पूरी गोस्वामी, नाहर सिंह, सूरज सोनी, भरत सिंह, भाकर सिंह भाटी, योगी नथुनाथ, बाबूलाल दर्जी, राजू राम गर्ग, मोहन राम माचरा, कान सिंह पवार और पराराम मेघवाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

