बावड़ी व खेड़ापा आयुर्वेदिक चिकित्सालय में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई भगवान धनवंतरी जयंती
बावड़ी / खेड़ापा (जोधपुर/ मिश्रीलाल लखारा) कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में धनतेरस का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर खेड़ापा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में आयुर्वेद के जनक एवं आरोग्य के देवता भगवान धनवंतरी की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान भगवान धनवंतरी की पूजा-अर्चना कर उनके आदर्शों और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के महत्व को विशेष रूप से याद किया गया।
समारोह के दौरान डॉ. आशा देवी प्रसाद सिंह ने पूरी विधि-विधान के साथ भगवान धनवंतरी की पूजा-अर्चना की और दीप प्रज्वलित कर प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने भगवान धनवंतरी को स्वास्थ्य, आरोग्य और आयुर्वेद का प्रतीक बताते हुए इस पर्व के जन-जीवन में महत्व को रेखांकित किया।
- आयुर्वेद अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
आयोजकों ने बताया कि धनतेरस के अवसर पर मनाई जाने वाली भगवान धनवंतरी जयंती का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। भारतीय परंपरा में भगवान धनवंतरी को आयुर्वेद का प्रवर्तक एवं आरोग्य का देवता माना जाता है।
इस अवसर पर कंपाउंडर भोमाराम चौधरी, योग प्रशिक्षक कुशाल राम, परिचारिका गजु देवी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।

