पंचायतीराज चुनाव के तृतीय चरण में बुजुर्गों से लेकर नवमतदाताओं तक ने निभाई भागीदारी, पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत गाते हुए मतदान केंद्र पहुंचीं महिलाएं
भरतपुर (विष्णु मित्तल)। लोकतंत्र के महापर्व पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के तृतीय चरण में गुरुवार को भरतपुर जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर उत्साह और लोकतांत्रिक जागरूकता की शानदार तस्वीर देखने को मिली। गांवों की सरकार चुनने के लिए युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कहीं पहली बार वोट डालने वाले नवमतदाताओं के चेहरों पर खुशी नजर आई तो कहीं 103 वर्ष की बुजुर्ग महिला ने मतदान केंद्र पहुंचकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
103 वर्षीय रामश्री शर्मा ने किया मतदान, 94 वर्षीय लौहरकी देवी भी पहुंचीं बूथ
भुसावर पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत जगजीवनपुर में 103 वर्षीय महिला मतदाता रामश्री शर्मा ने उत्साह के साथ मतदान कर सभी के लिए प्रेरणा पेश की। वहीं इसी क्षेत्र के आदर्श मतदान केंद्र पर 94 वर्षीय लौहरकी देवी ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्र पर वरिष्ठ नागरिकों के साथ नवमतदाताओं की मौजूदगी ने लोकतंत्र के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
नदबई पंचायत समिति की ग्राम पंचायत लुलहारा में 70 वर्षीय वती, प्रभा, उर्मिला, मोहनी एवं कुसुम ने मतदान किया। वहीं भुसावर के झारौटी गांव में 82 वर्षीय रामसिंह, सुगन मीना और गिर्राज देवीराम भी पूरे उत्साह के साथ मतदान केंद्र पहुंचे।
पहली बार वोट डालकर युवाओं ने दिया लोकतंत्र मजबूती का संदेश
बयाना पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भीमनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर नवमतदाता चानू कुमारी, निशा, पायल एवं पूनम ने पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पहली बार वोट डालने को लेकर उनके चेहरों पर खास उत्साह नजर आया।
वहीं जगजीवनपुर में नवमतदाता सुमन एवं वंदना मीना ने मतदान के बाद कहा कि पंचायतीराज व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे छोटी और महत्वपूर्ण इकाई है। गांव के विकास और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए सही प्रतिनिधि का चयन जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को मतदान अवश्य करना चाहिए।
लोकगीत गाते और नृत्य करते मतदान केंद्र पहुंचीं महिलाएं
चुनाव के दौरान महिला मतदाताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बयाना के खेड़ली गड़ासिया एवं बिडयारी, नदबई के लुलहारा एवं हंतरा तथा भुसावर के झारौटी, घाटरी, जगजीवनपुर एवं छोकरवाड़ा में महिलाएं रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत गाते और नृत्य करते हुए मतदान केंद्र पहुंचीं।
कई गांवों में तीन पीढ़ियों की महिलाएं एक साथ मतदान करने पहुंचीं। महिलाओं ने समूह में मतदान कर अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें लेकर यादगार बनाया मतदान
मतदान के बाद युवाओं और अन्य मतदाताओं ने सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें खिंचवाकर इस लोकतांत्रिक उत्सव को यादगार बनाया। झारौटी गांव में रामकेश मीना, वीर सिंह, विनोद, लवकेश, धर्मेंद्र मीना, जितेंद्र, बिजेंद्र, श्रीफल सहित रेखा कुमारी, मुनेशी, लाली एवं सरोज ने मतदान किया। वरिष्ठ मतदाताओं के उत्साह को देखकर मतदान केंद्रों पर मौजूद कार्मिक और ग्रामीण भी अभिभूत नजर आए।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं
जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए रैंप, सारथी सहित आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में महिला मतदान केंद्र और दिव्यांग फ्रेंडली मतदान केंद्र स्थापित किए गए। महिला मतदाताओं की सहायता के लिए सहायता केंद्र बनाए गए, जहां बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) एवं महिला-बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया।
पंचायतीराज चुनाव के तृतीय चरण में बुजुर्गों की लोकतंत्र के प्रति निष्ठा, युवाओं का पहला वोट और महिलाओं की सामूहिक भागीदारी ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की जागरूकता और मतदान के अधिकार के प्रति उसकी जिम्मेदारी में निहित है।

