'एनएसएस युवाओं में सेवा और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का श्रेष्ठ माध्यम': डीग कॉलेज में अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित
डीग (नीरज जैन)। मा.आ.जी राजकीय महाविद्यालय, डीग में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में एक दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम (Orientation Program) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित स्वयंसेवकों को एनएसएस के मूलभूत उद्देश्यों, कार्यप्रणाली, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्रनिर्माण में युवा शक्ति की भूमिका से परिचित कराना रहा।
'युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी' - डॉ. दिलीप सिंह
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिलीप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में केवल अनुशासन और सेवा भावना ही नहीं जगाती, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रप्रेम विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम है।
उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा, "स्वयं सजे, वसुंधरा संवरे, आकाश को ज़मीन पर उतार दें और ज्ञान के प्रकाश का प्रसार करें।" उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा का उपयोग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए करें।
'स्वयं से पहले आप' केवल वाक्य नहीं, जीवन दर्शन है
कार्यक्रम अधिकारी रोनित यादव ने एनएसएस के गौरवशाली इतिहास, लक्ष्यों और आदर्श वाक्य "स्वयं से पहले आप" (Not Me But You) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वर्षभर आयोजित होने वाले स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, रक्तदान शिविर, मतदाता जागरूकता, नशामुक्ति और स्वास्थ्य सम्बंधी अभियानों की रूपरेखा साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनएसएस सिर्फ एक प्रमाण पत्र प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि समग्र व्यक्तित्व निर्माण और चरित्र गठन की एक निरंतर प्रक्रिया है।
ओजस्वी कविता से जगाया उत्साह
मंच का कुशल संचालन कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मी यादव ने किया। उन्होंने अपनी ओजस्वी और प्रेरक कविताओं के माध्यम से स्वयंसेवकों में नया जोश भरा। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए बहुत बड़े संसाधनों से ज्यादा मजबूत इच्छाशक्ति और निस्वार्थ सेवा भाव की आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी संदीप कुमार ने प्राचार्य, समस्त शैक्षणिक व अशैक्षणिक कर्मचारियों तथा स्वयंसेवकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन देश और समाज सेवा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

