सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करना बच्चों का कानूनी अधिकार, विद्यार्थियों को दी कानून व सुरक्षा संबंधी जानकारी
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मकराना ताल्लुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खिलेरिया नाड़ा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ताल्लुका विधिक सेवा समिति के पैनल अधिवक्ता तलत हुसैन हनीफी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को शिक्षा और सुरक्षा के अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
शिविर को संबोधित करते हुए पैनल अधिवक्ता तलत हुसैन हनीफी ने कहा कि सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करना हर बच्चे का कानूनी अधिकार है। उन्होंने बताया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 आरटीई एक्ट 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क, अनिवार्य और सुरक्षित शिक्षा की गारंटी देता है। स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं है, बल्कि सुरक्षित भवन, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, शुद्ध पेयजल और सुरक्षित खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं भी इसका अनिवार्य अंग हैं। अधिवक्ता हनीफी ने जुलाई 2025 में झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से हुए दुखद हादसे का संदर्भ देते हुए विद्यार्थियों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण का मौलिक अधिकार देता है। वहीं, आरटीई अधिनियम की धारा 19 के तहत हर मौसम के अनुकूल पक्के कमरे और दिव्यांग बच्चों के लिए सुगम पहुंच सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके अलावा, विद्यालय परिसर में किसी की लापरवाही से बच्चों को चोट पहुँचने पर किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत 3 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का कानूनी प्रावधान है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि विद्यालय में छत से प्लास्टर गिरना, सीलन, या बिजली के खुले तार जैसा कोई भी खतरा दिखे, तो तुरंत प्रधानाचार्य, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति को सूचित करें। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति या असुरक्षित स्थिति में 24 घंटे संचालित टोल-फ्री चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा 9928900900 पर संपर्क किया जा सकता है। विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे मामलों में निःशुल्क कानूनी सहायता और नोटिस जारी करने के लिए सदैव तत्पर है। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय लोक अदालत और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की प्रक्रिया भी समझाई गई। शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य इकरामुद्दीन, उप प्रधानाचार्य गौरव भारती, शिक्षक पंकज सिंह, नरेश कुमार, देवकरण, प्रियंका चौधरी, लक्ष्मी मेघवाल, मंजू चौधरी, प्रेमिला खिलेरी सहित विद्यालय का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

