कठूमर में जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित हुई विधिक संगोष्ठी, अधिवक्ताओं से की गई सक्रिय भागीदारी की अपील
कठूमर (दिनेश लेखी)
कठूमर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अधिवक्ताओं के लिए एक विशेष विधिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश अनंत भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आमजन को सुलभ न्याय दिलाना और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को ऐतिहासिक बनाना रहा।
विधिक योजनाओं और निःशुल्क सहायता पर जोर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए तालुका विधिक सेवा समिति की सचिव एवं न्यायिक अधिकारी रुचि शर्मा ने विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पीड़ित प्रतिकर योजना और निःशुल्क विधिक सहायता पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिला एवं सेशन न्यायाधीश अनंत भंडारी ने उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे कानूनी रूप से कमजोर और जरूरतमंद तबके तक इन योजनाओं की जानकारी पहुँचाएं, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति को भी समय पर न्याय मिल सके।
12 दिसंबर की लोक अदालत पर विशेष फोकस संगोष्ठी के दौरान आगामी 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर व्यापक चर्चा की गई। न्यायाधीश अनंत भंडारी ने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे राजीनामा योग्य मुल्तवी और लंबित प्रकरणों को लोक अदालत में चिन्हित करवाएं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आपसी समझाइश का एक ऐसा बेहतरीन मंच है, जहाँ बिना किसी खर्चे और लंबे मुकदमेबाजी के विवादों का स्थायी समाधान संभव है।
सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए 'मेडिएशन' पर जोर कार्यक्रम में 'मेडिएशन फॉर द नेशन' अभियान पर भी विशेष जोर दिया गया। न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं और पक्षकारों से अपील की कि वे मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लिए मध्यस्थता (Mediation) का अधिकाधिक उपयोग करें। इससे न केवल अदालतों का बोझ कम होगा, बल्कि आपसी रिश्तों में भी कटुता समाप्त होगी।
गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उदय सिंह अलोरिया, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट युधिष्ठिर मीणा, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट आदित्य शर्मा, बार एसोसिएशन कठूमर के अध्यक्ष सुभाष चंद्र शर्मा और बार एसोसिएशन खेरली मंडी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरूका सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण और पक्षकार मौजूद रहे।

