भरतपुर के सारस चौराहे पर हादसों पर लगाम लगाने की कवायद: जिला कलक्टर और एसपी ने किया औचक निरीक्षण, दिए सुधारात्मक निर्देश
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)। शहर के व्यस्ततम सारस चौराहे पर लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए जिला कलक्टर कमर चौधरी और जिला पुलिस अधीक्षक (IPS) राजेश कुमार मीणा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ चौराहे का जमीनी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों का गहन विश्लेषण करते हुए मौके पर ही कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक कार्य कराने और यातायात संकेतक लगाने के कड़े निर्देश दिए।
गति सीमा बोर्ड और थर्मोप्लास्टिक पेंट से चिह्नांकन के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि सारस चौराहे पर हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ-साथ वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि—
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आगरा की ओर बने कट से लगभग 100 मीटर पहले गति सीमा (Speed Limit) और दुर्घटना संभावित क्षेत्र (Accident Prone Area) के चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
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प्रत्येक 50 मीटर की दूरी पर स्पीड लिमिट के संकेत अंकित किए जाएं।
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थर्मोप्लास्टिक पेंट से सड़क पर स्पष्ट चिह्नांकन कराया जाए, ताकि वाहन चालकों को समय रहते गति नियंत्रित करने का संकेत मिल सके।
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चौराहे पर रेड लाइट के दोनों ओर जेब्रा लाइन व सफेद पट्टियां बनाई जाएं तथा इन व्यवस्थाओं की हर दो माह में नियमित समीक्षा हो।
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शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर शहर की ओर जाने वाली लिंक सड़कों के कट पर भी जेब्रा लाइन और डंबल स्ट्रिप बनाई जाए।
सर्विस रोड को व्यवस्थित कर यातायात दबाव कम करने पर जोर
जिला कलक्टर ने आगरा की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर यातायात को अलग-अलग दिशाओं में व्यवस्थित करने के लिए सर्विस रोड की बाउंड्री को अस्थायी दीवार के जरिए पुलिस चौकी तक बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, बस और पिकअप वाहनों के लिए निश्चित पॉइंट विकसित करने के वास्ते आसपास के अतिक्रमण हटाकर उपयुक्त स्थान चिह्नित करने को कहा। उन्होंने कहा कि सर्विस रोड के विस्तार से स्थानीय नागरिकों को मुख्य सड़क पर सीधे वाहन लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।
आमजन से यातायात नियमों की पालना की अपील
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनधिकृत कटों का उपयोग न करें और केवल निर्धारित मार्गों व सर्विस लेन से ही शहर में प्रवेश या निकास करें। दुपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और गति सीमा का पालन करने का आह्वान किया गया है।
एसपी और कलक्टर ने पुलिस व एनएचएआई अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों की पहचान कर प्रभावी कदम उठाए जाएं। इस दौरान निरीक्षण के समय एडीएम सिटी राहुल सैनी, यातायात डीएसपी योगेश और एनएचएआई के परियोजना निदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

