भरतपुर :बाजारों में नाप-तौल और पैकेज्ड सामान की सघन जांच: नदबई के ऑयल मिल्स में विधिक माप विज्ञान विभाग का छापा
भरतपुर, 28 अक्टूबर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय): बाजार में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और पैकेज्ड सामानों पर अंकित जानकारियों की सत्यता जांचने के उद्देश्य से विधिक माप विज्ञान विभाग एक्शन मोड में आ गया है। विभाग की टीम ने नदबई क्षेत्र में विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं ऑयल मिलों का औचक निरीक्षण किया।
पैकिंग और मापतौल मानकों की हुई गहन जांच: विधिक माप विज्ञान अधिकारी रामकुंवर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 'पीआर इंडस्ट्रीज एंड ऑयल मिल' तथा 'ओम ऑयल प्रोडक्ट्स' की गहन जांच की गई। इस दौरान सामानों पर निर्माता व पैकर का नाम-पता, नेट वजन, एमआरपी (MRP), पैकिंग की तारीख और ग्राहक शिकायत संपर्क विवरण जैसी अनिवार्य घोषणाओं को परखा गया। जांच में दोनों ही प्रतिष्ठानों में नाप-तौल से जुड़ी कोई गड़बड़ी या अनियमितता नहीं पाई गई।
सत्यापन प्रमाण पत्र न मिलने पर 1 हजार का जुर्माना: हालांकि, जांच के दौरान 'पीआर इंडस्ट्रीज' में नियमानुसार सत्यापन प्रमाण पत्र (Verification Certificate) प्रदर्शित नहीं पाया गया। इस लापरवाही पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान पर 1 हजार रुपये का जुर्माना ठोका।
व्यापारियों और उपभोक्ताओं को सख्त निर्देश: विधिक माप विज्ञान अधिकारी ने सभी व्यापारियों और दुकानदारों से अपील की है कि वे मापतौल उपकरणों के इस्तेमाल और पैकेज्ड सामान की बिक्री के दौरान विधिक माप विज्ञान अधिनियम के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें। वहीं, आम उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए उन्होंने सलाह दी कि कोई भी डिब्बा बंद या पैकेज्ड सामान खरीदते वक्त उस पर दर्ज अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), शुद्ध मात्रा (Weight) और अन्य जरूरी जानकारियां जरूर जांचें, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहकर किसी भी तरह की ठगी से बच सकें।

