मानवता की मिसाल: 'रोटी बैंक खैरथल' ने पूरे किए सेवा के 7 गौरवशाली वर्ष; 3 लाख से अधिक भूखों को कराया भोजन, 100+ कन्याओं के विवाह में की मदद
खैरथल ( हीरालाल भूरानी): शहर में पिछले सात वर्षों से निरंतर मानव सेवा के कार्यों में जुटी प्रतिष्ठित संस्था 'रोटी बैंक खैरथल' आज (29 अक्टूबर 2026) अपने सेवा सफर के सात वर्ष पूरे कर रही है। संस्था की शुरुआत 29 अक्टूबर 2019 को हुई थी, और तब से लेकर आज तक यह संस्था बिना एक भी दिन रुके गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों तक भोजन पहुंचाकर एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है।
बिना रुके, निरंतर जारी है सेवा का सफर: संस्था के संस्थापक रवि दासवानी के नेतृत्व में रोटी बैंक द्वारा रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जरूरतमंद लोगों को घर जैसा बना हुआ ताजा भोजन, सब्जी और रोटी उपलब्ध कराई जाती है। विशेष रूप से कोरोना महामारी के कठिन काल से लेकर अब तक यह संस्था लगातार सक्रिय रहकर मानवता की सेवा में जुटी है। अपने इस सात साल के सफर में संस्था अब तक 3 लाख से अधिक लोगों को भोजन करा चुकी है, जिसका मुख्य उद्देश्य यही है कि क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।
सिर्फ भोजन ही नहीं, कन्याओं के विवाह और इलाज में भी मददगार: रोटी बैंक खैरथल का दायरा केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकट में फंसे परिवारों का संबल भी बन रहा है। संस्थापक रवि दासवानी के मार्गदर्शन में अब तक 100 से अधिक गरीब एवं निर्धन कन्याओं के विवाह में आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा, गंभीर रूप से बीमार परिवारों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने और उनके इलाज की व्यवस्था करने में भी संस्था ने अग्रणी भूमिका निभाई है।
सहयोगियों के समर्पण से तय हुआ मुकाम: संस्था के संस्थापक रवि दासवानी का कहना है कि रोटी बैंक आज जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसका पूरा श्रेय संस्था से जुड़े सभी समर्पित सहयोगियों को जाता है। उनके अथक सहयोग और सेवा भाव के कारण ही यह सफर बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ पा रहा है।
सात वर्षों का यह सफर इस बात का प्रमाण है कि यदि सच्ची निष्ठा और सेवा भाव हो, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। रोटी बैंक खैरथल आगे भी इसी संकल्प के साथ जरूरतमंदों की सेवा में जुटा रहेगा।

