वैर में आवारा सांड का आतंक: ड्यूटी पर जा रहे वन विभाग कर्मचारी नंदकिशोर की इलाज के दौरान मौत, परिवार में मातम
वैर (भरतपुर) कोशलेन्द्र दत्तात्रेय: क्षेत्र में आवारा पशुओं की गंभीर समस्या ने एक बार फिर एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। वैर-झील का बाड़ा रोड पर पिदावली गांव के पास बीते 24 अक्टूबर की शाम आवारा सांड की जोरदार टक्कर से घायल हुए वन विभाग के कर्मचारी नंदकिशोर छिपी की मंगलवार को जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में उनके साथ बाइक पर सवार साथी कर्मचारी रामजीत सैनी भी घायल हुए थे।
मंदिर में ड्यूटी पर जाते समय हुआ हादसा: प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन पाल नाका वैर में टेक्नीशियन तृतीय के पद पर कार्यरत नंदकिशोर छिपी और उनके साथी रामजीत सैनी की ड्यूटी झील का बाड़ा स्थित कैलादेवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था संभालने के लिए लगाई गई थी। 24 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे दोनों कर्मचारी अपनी बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान पिदावली गांव के पास अचानक सामने आए एक आवारा सांड ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
भरतपुर से जयपुर रेफर, इलाज के दौरान तोड़ा दम: हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) झील का बाड़ा ले जाया गया। नंदकिशोर की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भरतपुर और फिर वहां से जयपुर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जयपुर में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए मंगलवार को नंदकिशोर ने दम तोड़ दिया।
परिजनों में कोहराम, आवारा पशुओं को लेकर लोगों में रोष: नंदकिशोर की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव और परिजनों तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में मातम छा गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय निवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़कों पर घूमते आवारा पशु आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

