राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल की जन्म जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि दी

Apr 24, 2023 - 16:40
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राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल की जन्म जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि दी

महुआ,दौसा (अवधेश अवस्थी)

महुआ विधानसभा क्षेत्र के उपखंड मुख्यालय मंडावर में जन्में थे राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री टीकाराम पालीवाल जीके जन्मदिवस के  अवसर पर लोगों ने श्री टीकाराम पालीवाल जीके तस्वीर पर उन्हें याद कर पुष्पमाला अर्पित कर याद किया 

गौरतलब है कि,राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल दौसा जिले की महुवा विधानसभा क्षेत्र के मंडावर गांव में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में जन्में थे। श्री टीकाराम पालीवाल जी समाज सेवा की अच्छी सोच के साथ राजनीति में अच्छी खासी रूचि रखते थे।जिसके बल पर वे राजस्थान के राजस्व मंत्री, वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री जैसे पदों पर रहे। मंडावर महुआ रेलवे स्टेशन कस्बें के समीप गांव मंडावर में 24 अप्रैल 1907 में श्री हुक्मचंद पालीवाल के घर जन्में इनकी माता का नाम सुन्दरी देवी था। पालीवाल जी की प्रारम्भिक शिक्षा गांव मंडावर में हुई। पिता हुकुमचंद पालीवाल की चार संतानों में से तीसरे नंबर के थे।
स्वर्गीय पालीवाल जी ने मंडावर, राजगढ़, दिल्ली में पढ़कर अपनी शिक्षा पूरी की वहीं मेरठ से वकालत की। पूर्व मुख्यमंत्री श्री टीकाराम पालीवाल जी पर्दा प्रथा व दिखावा पंसद नहीं करने वाले व्यक्ति थे। वे शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे। इसके लिए उन्होने अपनी माता सुन्दरी देवी पालीवाल जनहित ट्रस्ट एवं पत्नि के नाम प्रकाश देवी पालीवाल जनहित ट्रस्ट बनाए। जिनके अन्तर्गत इन्होनें मंडावर के बालिका विद्यालय व सी. सै. वि विद्यालय. महुवा में राजकीय टीकाराम पालीवाल सीनियर सैकै
ण्ड्री विद्यालय, रसीदपुर, गढ़ हिम्मत सिह, महिला विद्यापीठ भुसावर,हिन्डौन व बसवा के विद्यालय चुनें। जिनमें प्रतिवर्ष 20 गरीब छात्र-छात्राओं को 1000 रूपये छात्रवृति पढाई के लिए दी जाती है। टीकाराम
पालीवाल महुआ से दो बार 1952 व 1957 में विधायक बने। उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि 1952 में जयनारायण व्यास जोधपुर व जालौर दोनों जगह से चुनाव हार गए। लेकिन पालीवाल जी महुवा एवं मलारना चौड़ दोनों जगह से चुनाव जीते। 1958 में राज्यसभा में चुने गए। 1962 में हिन्डौन से लोकसभा चुनाव जीते। पालीवाल जी 3 मार्च 1952 को राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री बने। 

लेकिन सरकार की उदासीनता कहै या मंडावर उनकी जन्मस्थली का मंडावर का दुर्भाग्य जहां जन्म लेने वाले समाजसेवी महान व्यक्ति टीकाराम पालीवाल जी ने राजस्थान ही नही पूरे भारत देश में मंडावर का नाम रोशन कर एक अलग मिसाल पेश की लेकिन आज तक मंडावर कस्बे में उनके नाम टीकाराम पालीवाल से किसी सरकारी संस्था का नामकरण पूर्व मुख्यमंत्री श्री टीकाराम पालीवाल के नाम पर नहीं किया गया है। और ना ही उनकी पैतृक जन्मस्थली गांव मंडावर कोई स्मारक बनाया गया है जबकि उस महान व्यक्ति श्री टीकाराम पालीवाल का पैतृक  मकान आज भी गांव मंडावर में स्थित है 

समाजसेवी गो पुत्र अवधेश अवस्थी ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत  को पत्र भेजकर राजस्थान के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री श्री टीकाराम पालीवाल जी की मूर्ति स्थापित कर उनके नाम पर महुआ मंडावर सहित उनके कर्म स्थलों पर सरकारी संस्थाओं का नामकरण करने का निवेदन किया गया है

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