विश्व अस्थमा दिवस आज स्वच्छ वातावरण व जागरुकता से अस्थमा को हराया जा सकता है, क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने से बढ़े मामले
खैरथल (हीरालाल भूरानी) हर साल मई के पहले मंगलवार को विश्व अस्थ्मा दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य अस्थमा जैसी गंभीर श्वसन समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करना और इसके सही उपचार व बचाव के उपायों की जानकारी देना है। इस बार की थीम है 'अस्थ्मा को नियंत्रित करने के उपाय और जीवन में उसका प्रभाव।' जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि अस्थमा एक क्रॉनिक बीमारी है, जो सांस लेने में कठिनाई, खांसी, सीने में जकड़न और घरघराहट जैसी समस्याओं का कारण बनती है। बदलते मौसम, प्रदूषण और धूल-मिट्टी इसके प्रमुख कारण है। क्षेत्र में प्रदूषण की अधिकता के कारण अस्थमा के मरीजों की संख्या अधिक है। वहां के फैक्टरी श्रमिक विशेष रूप से इस बीमारी से पीड़ित हैं। डॉ. गेट ने कहा कि समय पर इलाज, इनहेलर का सही इस्तेमाल और ट्रिगर कारकों से बचाव से अस्थमा को नियंत्रित किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस दिन को ध्यान में रखते हुए जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत की है, जिसमें लोगों को धूम्रपान से बचने, स्वच्छ हवा में सांस लेने और नियमित जांच करवाने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों की सलाह है कि अस्थमा से डरें नहीं, सही इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।


