पारिवारिक कलह से तंग आकर दिल्ली के जज ने की आत्महत्या, अलवर में हुआ अंतिम संस्कार
अलवर (अनिल गुप्ता) दिल्ली न्यायिक सेवा के अधिकारी और कड़कड़डूमा कोर्ट में DLSA सचिव के पद पर तैनात जज अमन कुमार शर्मा ने शनिवार को दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली। मूल रूप से तिजारा के मुंडाना गांव के रहने वाले 30 वर्षीय अमन शर्मा का अंतिम संस्कार रविवार सुबह 11 बजे अलवर में किया गया, जिसमें दिल्ली से करीब 15-20 जज भी शामिल हुए।
अमन शर्मा ने 1 मई की रात करीब 10 बजे अपने पिता, एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा को फोन कर कहा था कि वह "जिंदगी से परेशान हो चुके हैं।" फोन कॉल मिलते ही पिता रात 1 बजे दिल्ली पहुंचे। अगली सुबह 2 मई को जब अमन और उनकी पत्नी के बीच बहस शुरू हुई, तो मामला इतना बढ़ गया कि पत्नी ने ससुर को पुलिस बुलाने की धमकी दी।
अपमान सहन न कर पाने के कारण अमन बाथरूम में गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक बाहर न आने पर जब फोन किया गया, तो फोन अंदर ही बज रहा था। पड़ोसियों की मदद से खिड़की का शीशा तोड़कर जब अंदर देखा गया, तो अमन का शव फंदे से लटका मिला।
परिजनों के गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि अमन पिछले दो महीनों से मानसिक प्रताड़ना झेल रहे थे। उन्होंने दिल्ली पुलिस में रिपोर्ट दी है कि अमन की पत्नी और उनकी साली (जो जम्मू में IAS अधिकारी हैं) घर के मामलों में काफी दखलअंदाजी करती थीं, जिससे अमन बेहद तनाव में थे।
अमन शर्मा का करियर और पृष्ठभूमि
- शिक्षा: पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल (2018 बैच) से ग्रेजुएशन।
- उपलब्धि: पहले ही प्रयास में दिल्ली न्यायिक सेवा में चयन (जून 2021)।
- पारिवारिक स्थिति: पिता अलवर के जाने-माने वकील हैं। करीब डेढ़ साल पहले पिता ने ही उन्हें दिल्ली में 9 करोड़ का फ्लैट दिलाया था।
- निजी जीवन: ट्रेनिंग के दौरान एक सहकर्मी से प्यार हुआ और 2021 में शादी की। अमन का एक छोटा भाई भी है, जो कुछ साल पहले एक एक्सीडेंट के बाद से मानसिक रूप से अस्वस्थ था।
दिल्ली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस पत्नी की भूमिका और प्रताड़ना के आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है।


