दशलक्षण पर्व का हुआ समापन : उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म व अनंत चतुर्दशी पर्व मनाया
24 तीर्थंकर विधान व श्रीजी का कलशाभिषेक किया,,, क्षमावाणी पर्व पर कल श्रीजी की पालकी निकलेगी
बडौदामेव अमित भारद्वाज) बडौदामेव कस्बे के श्री मुनिसुव्रतनाथ व श्री चन्द्रप्रभु जैन मंदिर में शनिवार को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म व अनंत चतुर्दशी पर्व के साथ दशलक्षण पर्व का समापन हुआ। सुबह श्रावको ने भक्तिभाव से श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा कर धर्म लाभ व पुण्य संचय किया। जैन युवा परिषद के अध्यक्ष प्रतीक जैन व संस्कार जैन ने बताया कि शनिवार को 12वें तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान के मोक्षकल्याणक पर्व के अवसर पर सभी जैन धर्मावलंबियों द्वारा सामूहिक निर्वाणकाण्ड का वाचन कर हर्षोल्लास व जयकारों के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया और श्रीजी की आरती की व नित्य नियम पूजन के साथ दशलक्षण पर्व के 10वें दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा हुई व दोपहर में श्री चौबीस तीर्थंकर विधान किया गया जिसमें 24 तीर्थंकरों की पूजा-अर्चना की गयी। विधान के उपरांत श्रीजी का मंत्रोच्चार के साथ कलशाभिषेक किया गया और शाम को महाआरती की गई।
अनंत चतुर्दशी पर्व पर अधिकतर जैन धर्मावलम्बी व्रत एवं उपवास पर रहे साथ ही सभी जैन व्यवसायियो ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे। क्षमावाणी पर्व पर 8 सितंबर को श्रीजी की पालकी धूमधाम से श्री मुनिसुव्रतनाथ जैन मंदिर से श्री चंद्रप्रभु जैन मंदिर तक कस्बे के प्रमुख मार्गो से होती हुई निकाली जाएगी।

