अलवर (कमलेश जैन) भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी शहीद भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरू का 95वां बलिदान दिवस समारोह 23 मार्च को जोशखरोश के साथ मनाया जायेगा। अलवर में यह आयोजन पिछले 42 वर्षों से लगातार किया जा रहा है।
शहीद भगतसिंह बलिदान दिवस समारोह समिति के संयोजक जोगेन्द्र सिंह कोचर एवं सचिव प्रमोद मलिक ने बताया कि 23 मार्च को प्रातः 8 बजे भगत सिंह चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा को माल्यार्पण कर आजादी के आन्दोलन में शहादत देने वाले सभी क्रान्तिवीरों को नमन किया जायेगा। इस अवसर पर हुकमचन्द रौनक कव्वाल एण्ड पार्टी देशभक्ति पूर्ण गीत प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के अतिथि के रूप में पूर्व केन्द्रीय मंत्री भँवर जितेन्द्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा, अपनाघर शालीमार के निदेशक अशोक सैनी, समाजसेवी हरमीत सिंह मेहन्दीरत्ता, हरिशंकर रावत, शशांक झालानी, नूर मोहम्मद, अशोक आहूजा, सार्वजनिक गौ-शाला के अध्यक्ष अजय अग्रवाल, रंगकर्मी दिनेश भार्गव एवं अमरजीत सिंह बिट्टू आदि शामिल होंगे।
23 मार्च को जेल सर्किल स्थित महावर ऑडिटोरियम में सांय 4ः30 बजे रंग संस्कार थियेटर गु्रप के कलाकार डॉ. लालचन्द जैन द्वारा लिखित ’’शहीद भगत सिंह’’ नाटक का मंचन डॉ. देशराज मीणा के निर्देशन में प्रस्तुत करेंगे। साथ ही बी.एल. पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिये सम्पन्न हुई चित्रकला, निबन्ध, भाषण एवं गीत कविता प्रतियोगिता में विजेता सम्भागियांें को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा। प्रगतिशील विचारक डॉ. जीवन सिंह मानवी, दौलतराम हजरती एवं दीवानचन्द सेतिया के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में क्रान्तिगीत रेणु मिश्रा, सुश्री प्रिया एवं डॉ. दीपक चन्दवानी प्रस्तुत करेंगे तथा मंच संचालन रामचरण राग करेंगे।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश भाटिया को डॉ. भागीरथ भार्गव, शास्त्रीय गायक प्रकाश नागर ओमकार नाथ शर्मा, कवि प्रेम प्रकाश शर्मा को श्रीमती आशा शर्मा शिक्षाविद तथा श्रीमती विद्यादेवी को डॉ. अनिल भार्गव स्मृति सम्मान प्रदान किया जायेगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिये सहसंयोजक अमरीक सिंह अदब, च्यवन भार्गव, दीपक पंडित, अमरदीप सिंह, धर्मेन्द्र अदलक्खा, अमित बैक्टर, मोहन सिंह राधव एवं मोहित पंडित को बनाया गया है। इस वर्ष का कार्यक्रम पूर्व सूचना आयुक्त - प्रतिष्ठित पत्रकार नारायण बारेठ एवं रंगकर्मी राजहंस शर्मा को समर्पित किया गया है।