गणगौर पूजन आज, निकलेगी गणगौर सवारी
हलैना (विष्णु मित्तल) कस्बा हलैना में 18 दिवसीय गणगौर महोत्सव का भव्य समापन 21 मार्च को हलैना कस्बा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 18 दिनों से अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा गणगौर महोत्सव 21 मार्च को अपने भव्य समापन के साथ पूर्ण होगा। यह पर्व दुलानी परंपरा के साथ आरंभ होकर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्थाओं का जीवंत प्रतीक बन गया है।
इस दौरान बालिकाएं, किशोरियां एवं महिलाएं प्रतिदिन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गणगौर खेलते हुए माता गौरी (पार्वती) एवं भगवान शिव की आराधना कर रही हैं। लोकगीतों, सजावट और सामूहिक सहभागिता ने पूरे क्षेत्र में एक विशेष आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण निर्मित किया है।
समापन दिवस 21 मार्च को घर-घर में विधिवत गणगौर पूजन किया जाएगा। विशेष रूप से सुहागन महिलाएं माता पार्वती से अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। इस अवसर पर पारंपरिक व्यंजन एवं पकवान भी बनाए जाएंगे, जिससे त्योहार की खुशी और अधिक बढ़ेगी।
समापन समारोह के अंतर्गत हलैना कस्बे के विभिन्न प्रमुख मोहल्लों एवं स्थानों—जैसे भुसावल गली, वेयर मार्ग, ठोकर वाला क्षेत्र एवं काला जनता क्षेत्र—में गणगौर की आकर्षक एवं सजीव सवारियां (झांकियां) निकाली जाएंगी। इन सवारियों में स्थानीय लोग पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेंगे, जिससे क्षेत्र की लोकसंस्कृति और सामुदायिक एकता का सुंदर प्रदर्शन होगा।
यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता, नारी शक्ति और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। गणगौर के इस आयोजन ने हलैना एवं आसपास के गांवों में उत्सवधर्मिता का अनूठा वातावरण स्थापित किया है।