भरतपुर में जिला स्तरीय विश्व जल दिवस का आयोजन
भरतपुर (कौशलेंद्र दत्तात्रेय) जिला स्तरीय विश्व जल दिवस का आयोजन पीएचईडी.कैम्पस हीरादास भरतपुर में सहायक अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मनोज पाराशर की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ्भ जिला सलाहकार नाहर सिंह जादौन द्वारा उपस्थित सभी प्रतिभागियों का अभिवादन कर किया तथा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2026 में जल और लैंगिक समानता की थीम पर विश्व जल दिवस मनाया जा रहा है।तद्उपरान्त राज्य संदर्भ व्यक्ति लक्ष्मण पाठक और मुकेश गर्ग द्वारा बताया गया कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी असम्भव है। हर वर्ष की भांति 22 मार्च को पूरी दुनिया में विश्व जल दिवस मनाया जाता है।
ताकि हम पानी के महत्व को समझ सकें और इसके संरक्षण का संकल्प ले सकें। इस वर्ष जल और लैंगिक समानता की थीम पर यह मनाया जा रहा है।इसका अर्थ है कि जल प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका को पहचानना और यह सुनिश्चित करना कि पानी तक सबकी समान पहुंच हो। और अन्तिम छोर पर रहने वाला गरीब परिवार भी इसका हकदार हो। इसके बाद जनप्रतिनिधी वार्ड पार्षद समुन्दर सिंह ने समुदाय की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि अच्छे जल प्रबंधन हेतु समुदाय और विभागीय समन्वय अच्छा होना चाहिए। ताकि लोगों को पर्याप्त एवं गुणवत्ता पूर्वक पानी मिल सके।
राजस्थान कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश पाठक ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर नई-नई तकनीकों द्वारा जन समुदाय को स्वच्छ पानी मुहैया कराया जा रहा है। परन्तु कुछ वार समुदाय द्वारा सहयोग न मिलने के कारण समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने मंच से लोगों से पूर्ण सहयोग की अपील की और कहा कि गुणवत्ता पूर्ण स्वच्छ जल हेतु सभी को आगे आना होगा। कार्यक्रम के अन्तिम सत्र में सहायक अभियंता मनोज पाराशर ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी को आग्रह करते हुए कहा कि उज्जवल भविष्य के लिए हमें भू जल,वर्षा जल और सतही जल का समुचित प्रबन्घन कर पारम्परिक जल स्रोतों का भी संरक्षण करना होगा।
हम सबको रोजमर्रा की आदतों में परिवर्तन करना होगा तथा वर्षा जल का अधिक से अधिक संरक्षण करने के लिए रैन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तथा रिचार्ज साफ्ट,सोक पिटो के माध्यम से भू जल पुनर्भरण पर जोर देना होगा। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधी, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं को विश्व जल दिवस कार्यक्रम में जल शपथ दिलवाई गई। तथा कार्यक्रम सघन्यवाद समाप्त करने की धोषणा की गई।