"मेवात की छवि पर दाग बर्दाश्त नहीं", साइबर ठगी के खिलाफ सहजपुर में समाज ने भरी हुंकार
सहजपुर (रामगढ़) अमित भारद्वाज । साइबर अपराध के काले साये से मेवात की छवि को मुक्त कराने के लिए अब समाज ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। रामगढ़ पंचायत समिति के सहजपुर बस स्टैंड पर आयोजित एक विशाल जनसभा में ग्रामीणों ने एक सुर में साइबर ठगी के खिलाफ जंग का ऐलान किया। पंचायत समिति प्रधान नसरू खान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरपंचों और प्रबुद्ध नागरिकों ने संकल्प लिया कि अब अपराधियों को छिपाया नहीं, बल्कि कानून के हवाले किया जाएगा।
"चंद लोगों की वजह से पूरा क्षेत्र बदनाम"
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान नसरू खान ने तीखे शब्दों में कहा कि कुछ युवाओं के आसान पैसे के लालच ने पूरे मेवात क्षेत्र को कलंकित कर दिया है। उन्होंने कहा, "यह लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं है। जब तक हम अपने घर और गांव से अपराधियों का बहिष्कार नहीं करेंगे, तब तक यह कलंक नहीं मिटेगा।" उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें ठगी के बजाय शिक्षा और रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ें।
गांव-गांव में तैनात होंगे 'निगरानी दस्ते'
बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए घोषणा की गई कि प्रत्येक गांव में 'निगरानी कमेटी' का गठन किया जाएगा। ये कमेटियां गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और बाहर से आने वाले अनजान लोगों पर नजर रखेंगी। यदि कोई भी युवक साइबर अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो कमेटी इसकी सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को देगी।
सरकार तक पहुंची बात, बाहरी पुलिस पर भी सवाल
प्रधान नसरू खान ने ग्रामीणों को बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर कड़े कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई बार बाहरी राज्यों की पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बाद रास्ते में ही छोड़ देती है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और सख्ती बरती जाए।
समाज का सामूहिक संकल्प
बैठक के अंत में उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि वे साइबर ठगी को जड़ से मिटाने के लिए पुलिस का पूर्ण सहयोग करेंगे। क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने कहा कि अब सहजपुर और आसपास के गांवों से एक नई शुरुआत होगी, जहाँ अपराधी के लिए कोई जगह नहीं होगी।