ग्राम रथ अभियान: गाँव-गाँव पहुँच रही सरकार, मौके पर हो रहा समस्याओं का निस्तारण
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राजस्थान सरकार की कृषक, पशुपालकों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम रथ अभियान के तहत एलईडी मोबाइल वैन नदबई और सेवर पंचायत समिति में विशेष जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ग्रामीणों को राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों तथा जनहितकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
शिवर मे सेवर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कसौदा के निवासी रमेश पुत्र निन्नू वर्षों से एक कच्चे मकान में अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहा था। बरसात के मौसम में काफी परेशानी आती थी। बरसात के मौसम में छत से टपकता पानी, दीवारों की कमजोरी और हर रात एक अनजाना डर यही उनकी जिंदगी का हिस्सा था। रमेश को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती थी, ताकि परिवार सुरक्षित रहे।
कसौदा में ग्राम रथ अभियान के तहत आयोजित शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रमेश ने आवेदन किया। शिविर में आवास सत्यापन एवं किश्त जारी करवाने हेतु उपखंड अधिकारी भारती गुप्ता के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। रमेश के आवासीय सत्यापन के आवेदन के दस्तावेजों की मौके पर ही पूर्ति करवाई गई। लाभार्थी रमेश को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास निर्माण राशि की किश्त का भुगतान शीघ्र हो सकेगा। रमेश की समस्या का समाधान मौके पर ही किया गया।
ऐसी त्वरित कार्रवाई न केवल गरीब परिवार को सिर छुपाने के लिए पक्की छत प्रदान करती है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रति आम जनता का विश्वास भी बढ़ाती है। रमेश ने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन का आभार जताया है, जो यह दर्शाता है कि ज़मीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो रहा है।
एक सुखद बदलाव: अब रमेश और उनके परिवार को बरसात के मौसम में रातें जागकर नहीं बितानी पड़ेंगी। एक पक्का घर न केवल सुरक्षा देता है, बल्कि सम्मानजनक जीवन भी सुनिश्चित करता है।
वहीं नदबई पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पहरसर के कोली बस्ती के निवासियों ने बताया कि उनके क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या आ रही है। पानी की कमी के कारण ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था।
ग्राम रथ अभियान के दौरान जब यह समस्या उपखण्ड अधिकारी सचिन यादव के समक्ष प्रस्तुत की तो उपखण्ड अधिकारी के निर्देशन में प्रशासन के द्वारा दस्तावेजी कार्यवाही करते हुए तुरंत कार्रवाई की। प्रशासन द्वारा पानी की टंकी एवं प्याऊ का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया जिससे अब गांव में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
प्रशासन की इस 'मौके पर राहत' वाली कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। कोली बस्ती के निवासियों ने इस त्वरित कार्यवाही के लिए सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। यह उदाहरण सिद्ध करता है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो वर्षों पुरानी समस्याओं को भी चंद घंटों में सुलझाया जा सकता है।
ग्राम रथ अभियान जैसे शिविर ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जहाँ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की सुनवाई सीधे उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है।


