खेरली में गिरफ्तारी, रिमांड व हिरासत में अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता शिविर हुआ आयोजित
खेरली/ दिनेश लेखी। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर अनंत भंडारी एवं सचिव मोहनलाल सोनी के निर्देशन में पुलिस थाना खेरली परिसर में विविध विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का विषय गिरफ्तारी से पहले, गिरफ्तारी के दौरान, रिमांड एवं हिरासत में नागरिकों के अधिकार, महिला सुरक्षा तथा निःशुल्क कानूनी सहायता रहा।
शिविर में पीएलवी दीपक कुमार मीना ने उपस्थित नागरिकों को गिरफ्तारी से संबंधित कानूनी अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के समय अपने अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है तथा प्रत्येक नागरिक को विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।
खेरली थानाधिकारी विजय चंदेल ने कहा कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के लिए वैध कारण होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताना, उसके परिजनों को सूचना देना तथा वकील से संपर्क करने का अधिकार प्राप्त है। साथ ही रिमांड के दौरान आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करना अनिवार्य होता है तथा किसी भी व्यक्ति को बिना कारण पुलिस हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
शिविर के दौरान भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों, मानवाधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी दी गई।
पीएलवी वीरेंद्र कुमार नूंगरवार ने नागरिकों से कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार बनने का आह्वान करते हुए किसी भी कानूनी समस्या में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता लेने की अपील की।
कार्यक्रम में थाना अधिकारी सहित समस्त पुलिस स्टाफ, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र थाना खेरली से हिमानी शर्मा, कनक माला शर्मा तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।


