श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई गायत्री जयंती, पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का 36 वां महापरिनिर्वाण दिवस आयोजित
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थानीय शाखा के तत्वावधान में गायत्री प्रज्ञापीठ, भूरीकुड़ी में गायत्री जयंती का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक, वेद मूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का 36 वां महापरिनिर्वाण दिवस भी अगाध श्रद्धा और सेवा भाव के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
- मौन जाप और यज्ञ से गूंजा प्रज्ञापीठ
शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः काल सामूहिक मौन गायत्री मंत्र जाप के साथ हुई। इसके पश्चात प्रज्ञापीठ परिसर में भव्य गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में मुख्य आचार्य का दायित्व निभाते हुए गायत्री परिवार के तहसील सह समन्वयक अशोक कुमार दायमा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दिलवाईं। उपस्थित श्रद्धालुओं ने लोक शांति, विश्व कल्याण तथा देश की खुशहाली व समृद्धि की कामना के साथ यज्ञ भगवान को आहुतियां समर्पित कीं।
- गुरुदेव के बताए मार्ग से ही होगा युग निर्माण
इस मौके पर विचार व्यक्त करते हुए अशोक कुमार दायमा ने संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन वृत्त और उनके महान संकल्पों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरुदेव का संपूर्ण जीवन समाज को नई दिशा देने में समर्पित रहा, हमें उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित बद्री प्रसाद तंवर ने गायत्री मंत्र की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए मानव जीवन में इसके महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि वेद मूर्ति पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के पद-चिह्नों पर चलकर ही हम 'युग निर्माण' के संकल्प को पूरा कर सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस आध्यात्मिक उत्सव के दौरान मदनलाल सैनी, खटीक समाज युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विक्रम कुमार असवाल, सरिता देवी, नीतू सैनी, डिंपल तंवर, देविका तंवर और कविता सैनी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक, प्रज्ञापीठ के कार्यकर्ता और माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।


