शादियों में अब जितने चाहें उतने मिलेंगे LPG सिलेंडर, सरकार ने हटाई पाबंदी; नए घरेलू कनेक्शन पर रोक रहेगी जारी
केन्द्र सरकार ने हटाई पाबंदी; राजस्थान में DSO से स्टॉक रिलीज कराने का झंझट खत्म, नए घरेलू कनेक्शन पर रोक जारी
जयपुर (राजस्थान) होटल-रेस्टोरेंट संचालकों और शादी-समारोह वाले परिवारों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कॉमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर के वितरण पर लगी सभी पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इस आदेश के बाद अब उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के मुताबिक कॉमर्शियल सिलेंडर मिल सकेंगे और बाजार में इसकी किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
- अब नहीं काटने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर
इस फैसले से सबसे बड़ी राहत राजस्थान के उन परिवारों को मिली है जिनके घर में शादियां हैं। दरअसल, अब तक राज्य में शादी-समारोह के लिए एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए जिला रसद अधिकारी (DSO) के यहाँ आवेदन करना पड़ता था। इसके बाद प्रशासन की ओर से केवल 4 कॉमर्शियल सिलेंडर ही जारी किए जाते थे। अब इस पाबंदी के हटने से जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्करों और कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिल गई है।
- उद्योगों को 50% सप्लाई की मंजूरी, घरेलू मोर्चे पर राहत नहीं
मंत्रालय ने जहां कॉमर्शियल सिलेंडरों को पूरी तरह बंदिशों से मुक्त कर दिया है, वहीं बल्क इंडस्ट्री एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई पर लगी रोक को आंशिक रूप से हटाया है। औद्योगिक इकाइयां अब संकट काल (मार्च) से पहले की अपनी कुल खपत का 50 फीसदी तक सप्लाई ले सकेंगी। हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए नए घरेलू गैस कनेक्शन पर लगी रोक अभी भी बरकरार रखी गई है।
- रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतें: 5 महीने में ₹1533 की भारी बढ़ोतरी
राहत के इस फैसले के बीच कॉमर्शियल सिलेंडर की आसमान छूती कीमतें अब भी बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं। राजस्थान में इस समय 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 3141 रुपए में मिल रहा है, जो पिछले साल 31 दिसंबर तक मात्र 1608 रुपए का था। तेल कंपनियों ने इस साल अब तक 6 बार कीमतों में बढ़ोतरी की है:
- जनवरी: ₹111 की वृद्धि
- फरवरी: ₹49.50 की वृद्धि
- मार्च: ₹141.50 की वृद्धि
- अप्रैल: ₹195 की वृद्धि
- मई: ₹993 की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
- जून: ₹42 की वृद्धि
कंपनियों को निर्देश: मंत्रालय ने तीनों प्रमुख ऑयल कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL) को निर्देश दिए हैं कि वे सभी कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं का एक क्षेत्रवार डेटाबेस तैयार रखें। साथ ही, जो उपभोक्ता पीएनजी (PNG) अपना चुके हैं, उन्हें गैस सिलेंडर के बजाय पीएनजी पर ही बने रहने के लिए प्रेरित किया जाए।


