केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण हेतु 24 घंटे जलापूर्ति रहेगी प्रभावित, नागरिकों से सहयोग की अपील
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भीषण गर्मी एवं लगातार घटते जल स्रोतों के कारण विश्वप्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में जल उपलब्धता चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है। उद्यान में निवासरत हजारों स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों तथा अन्य वन्यजीवों के संरक्षण एवं पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
अधिशाषी अभियन्ता गोखलेश बसबाल ने बताया कि ईआरसीपी-भरतपुर पेयजल परियोजना के अंतर्गत धौलपुर से भरतपुर आने वाली एमएस पाइप लाइन से 2 जुलाई गुरुवार, प्रातः 6 बजे से आगामी 24 घंटे तक केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के लिए विशेष जलापूर्ति की जाएगी। इस विशेष व्यवस्था के कारण 2 जुलाई को जिला मुख्यालय तथा 3 जुलाई शुक्रवार को जिला भरतपुर के पेयजल आपूर्ति क्षेत्र आंशिक रूप से प्रभावित रहेंगे।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि इस अवधि में पेयजल का संतुलित एवं आवश्यकता अनुसार उपयोग करें, अनावश्यक जल व्यय से बचें तथा पूर्व में आवश्यकतानुसार जल का भंडारण कर लें। नागरिकों का सहयोग न केवल जल प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने में सहायक होगा, बल्कि केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।


